शिक्षक छात्रों को उनके सपनों को प्राप्त करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए प्रेरित करते हैं। इसलिए इन्हें राष्ट्र निर्माता कहा जाता है। वे न केवल छात्रों का भविष्य संवारते हैं, बल्कि देश के भविष्य को भी आकार देते हैं। जब बात आती है शिक्षक समस्याओं के निस्तारण की, तो उन्हें आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिलता है। नतीजा वर्षों से वे मानसिक तनाव झेल रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि उनसे शिक्षण कार्य के अलावा बहुत सारे काम लिए जाते हैं। जिससे बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ता है। अवशेष वेतनमान, चयन वेतनमान व प्रोन्नत वेतनमान के लाभ से सभी शिक्षक वंचित हैं। सर्विस बुक अधूरी पड़ी हुई है। जिले के तमाम विद्यालय जर्जर हो गए हैं। बोले बहराइच मुहिम के तहत हिन्दुस्तान ने शिक्षकों से बात की तो उन्होंने समस्याओं की झड़ी लगा
