प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश के विभिन्न जिलों के प्राथमिक विद्यालयों में प्रभारी प्रधानाध्यापक का कार्य कर रहे शिक्षकों की वरिष्ठता सूची सभी जिलों के बीएसए से मांगी है। साथ ही कहा है कि यह बताया जाए कि याची शिक्षकों की वरिष्ठता अपने जिले में बतौर शिक्षक किस क्रम में है।
यह आदेश न्यायमूर्ति पीके गिरि ने कुशीनगर निवासी नवीन कुमार शर्मा, झांसी, बरेली समेत कई जिलों के सैकड़ों प्रभारी प्रधानाध्यापक काम कर रहे शिक्षकों की वेतन की मांग को लेकर दाखिल अलग-अलग याचिकाओं पर दिया है। कोर्ट ने कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद की तरफ से दाखिल विशेष अपील में हाईकोर्ट की डबल बेंच ने यह आदेश कर रखा है कि प्रधानाध्यापक पद पर नियुक्ति जिला स्तर पर तैयार वरिष्ठता सूची में से वरिष्ठता के आधार पर की जाएगी। इस आदेश का अनुपालन क्यों किया जा रहा है।

कहा कि यदि डबल बेंच के आदेश का अनुपालन नहीं हो रहा है तो हाईकोर्ट दोषी शिक्षाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने को विवश होगा। अगली सुनवाई 15 अक्तूबर को होगी। कोर्ट ने कहा है कि बीएसए अपने विभागीय अधिवक्ता को जानकारी उपलब्ध कराएं। ऐसा करने में विफल होने पर कार्रवाई की जाएगी।
जीआइसी प्रवक्ता भर्ती-2025 में चार विषयों का शामिल होना मुश्किल
प्रयागराज : राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ता पद के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने आवेदन लेने के बाद भर्ती परीक्षा आयोजन की तैयारी शुरू कर दी है, लेकिन चार विषयों में अर्हता स्पष्ट नहीं होने के कारण इनका वर्ष 2025 की भर्ती में शामिल होना मुश्किल है। शिक्षा निदेशालय ने इन विषयों का भी अधियाचन लोक सेवा आयोग को भेजा था, लेकिन इनकी अर्हता में त्रुटि होने के कारण आयोग ने अधियाचन वापस लौटा दिया था। उम्मीद थी कि अर्हता जल्द स्पष्ट कर आयोग को अधियाचन भेज दिया जाएगा, ताकि इसे भी वर्ष 2025 की भर्ती में सम्मिलित किया जा सके। संशोधन प्रकरण अभी शासन स्तर पर लंबित है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने 13 विषयों में प्रवक्ता भर्ती की अर्हता स्पष्ट होने पर 12 अगस्त को विज्ञापन जारी कर अभ्यर्थियों से 12 सितंबर तक आनलाइन आवेदन लिए। इसमें 3.83 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं। इसके अलावा आयोग से लौटाए गए शिक्षा शास्त्र, कला, संगीत व वाणिज्य विषय में भर्ती की अर्हता स्पष्ट करते हुए निदेशालय ने प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। इसके बाद नियमावली में संशोधन किया जा सकेगा। नियमावली में संशोधन के बाद ही आयोग इन विषयों के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी करेगा। चूंकि वर्ष 2025 की प्रवक्ता भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और चार विषयों की अर्हता के संबंध में नियमावली में संशोधन में समय लगने से इनका इस भर्ती में शामिल किया जाना मुश्किल है।