NBT रिपोर्ट, लखनऊ ऑफलाइन तबादलों की मांग को लेकर माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी के घर पर धरने की अगुआई कर रहे शिक्षक को सस्पेंड कर दिया गया है। तबादलों के मुद्दे पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक से वार्ता के बाद सस्पेंड किया गया। हालांकि उनको पढ़ाने में अरुचि और चिकित्सीय अवकाश का दुरुपयोग को कारण बताया गया है लेकिन शिक्षकों का कहना है कि अपनी मांगों के लिए शांतिपूर्ण सत्याग्रह की वजह से ही उन पर कार्रवाई की गई है।

उधर, शिक्षकों को भी पुलिस ने शिक्षा मंत्री के आवास से हटा कर कंपनी बाग भेज दिया है।
चंदौसी में धरना दे रहे शिक्षकों को पुलिस ने हटाया
यह था आदेश माध्यमिक शिक्षकों के तबादले पिछले साल तक ऑफलाइन ही होते थे। इस साल सात जून को ऑनलाइन तबादलों का आदेश किया गया। उस आदेश में लिखा गया कि जो आवेदन आ गए है, उनका विशेष परिस्थितियों में मंत्री की अनुमति से ऑफलाइन तबादला किया जाएगा। इस दौरान साल भर जो आवेदन आए उनका तबादला अभी तक
नहीं किया गया है। शिक्षक इन तबादलों की मांग को लेकर आंदोलनरत है। निदेशालय पर भी विभिन्न शिक्षक संगठन आंदोलन कर चुके हैं।
निदेशक से वार्ता के बाद हुई कार्रवाई हाल ही में पश्चिमी यूपी के कई जिलों के ऐसे शिक्षक मंत्री गुलाब देवी के घर पहुंच गए। वहीं पर धरना देकर बैठ गए कि जब तक तबादला आदेश नहीं हो जाएगा, तब तक वे वापस नहीं जाएंगे। मंत्री ने तीन दिन में समस्या का हल निकालने की बात कही। शिक्षकों ने तीन दिन तक वहीं रुकने की बात कही। इसके बाद मंत्री ने माध्यमिक शिक्षा
निदेशक महेंद्र देव से शिक्षकों से वार्ता करने को कहा। महेंद्र देव ने शिक्षकों के धरने की अगुआई कर रहे मोहिनी आदर्श इंटर कॉलेज, कासगंज के शिक्षक शुभेंद्र शरण त्रिपाठी से फोन पर बात की। लेकिन उन्होंने तबादला आदेश लेकर ही वापस जाने की बात कही। उसी दिन कॉलेज के प्राधिकृत नियंत्रक ने शिक्षक शुभेंद्र को सस्पेंड कर दिया।
अपने-अपने तर्क शिक्षक का कहना है कि जिस दिन उनको सस्पेंड किया गया। उस दिन भी वह पढ़ाकर आए थे। वहीं माध्यमिक शिक्षा निदेशक महेंद्र देव का कहना है कि बिना छुट्टी के प्रदर्शन कर रहे थे।