फेस ऑथेंटिकेशन एप के जरिये से आसानी से तैयार हो जाएगा सर्टिफिकेट
प्रयागराज। पेंशनर चाहें तो घर बैठे भी डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट दे सकते हैं। केंद्रीय पेंशन एवं पेंशनर्स कल्याण विभाग उन्हें जागरूक करने के लिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (डीएलसी) 4.0 अभियान चलाने जा रहा है। सर्टिफिकेट एक से 30 नवंबर बनाए जाएंगे। पिछले तीन वर्षों में साढ़े चार करोड़ से अधिक डीएलसी जनरेट हुए हैं। अभियान को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए पेंशन एवं पेंशनर्स कल्याण विभाग

डिजिटल रूप में में जीवन प्रमाणपत्र जमा करने को चलाया जाएगा अभियान
ने बैंक, पेंशनरों के संगठन और अन्य संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय कर दी है।
पेंशनधारकों को इस तकनीक को सीखने में सक्षम बनाने के लिए उन्हें अपने मोबाइल में फेस ऑथेंटिकेशन एप डाउनलोड करने के लिए प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाएगा।
पेंशन एवं पेंशनर्स कल्याण विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि
सभी शाखाओं के समर्पित कर्मचारियों (भले ही वे चयनित शहरों/स्थानों के डीएलसी अभियान का हिस्सा न हों) के पास एंड्रॉइड/आईओएस फोन होना चाहिए, ताकि पेंशनधारक डीएलसी प्रमाणपत्र जमा करने के लिए शाखा में आते समय इस तकनीक का उपयोग कर सकें।
विभाग की ओर से दिशानिर्देश जारी किए गए हैं कि डिजिटल रूप में जीवन प्रमाणपत्र जमा करने को निरंतर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया है कि भौतिक जीवन
प्रमाण पत्र देने के इच्छुक किसी भी पेंशनधारक को मना नहीं किया जाना चाहिए।
कोई भी बैंक या शाखा हो, बनाना होगा डीएलसीः विभाग की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि बैंकों को शाखा में आने वाले सभी पेंशनधारकों के लिए डीएलसी तैयार करनी चाहिए, चाहे पेंशनभोगी का पेंशन खाता किसी भी बैंक शाखा/पीडीए में हो। यह सुनिश्चित करने के लिए दैनिक अभ्यास करें कि प्रस्तुत सभी डीएलसी संसाधित हो गए हैं और पेंशनधारक को पुष्टिकरण एसएमएस भेज दिए गए हैं।