प्रयागराज : उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग में अध्यक्ष पद के लिए आवेदन तो लिए गए, लेकिन प्राप्त आवेदनों पर साक्षात्कार कराने का निर्णय शासन स्तर पर नहीं हो सका। ऐसे में अध्यक्ष पद पर आवेदन लेने का दायरा बढ़ाने के लिए अधिनियम में संशोधन किया गया। इसके बाद उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (संशोधन) अध्यादेश-2025 को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूरी दी गई। इस संशोधन से भारतीय प्रशासनिक सेवा का अधिकारी होने

अध्यक्ष पद पर चयन का दायरा बढ़ाने के लिए अध्यादेश लाकर किया गया अधिनियम में संशोधन
की शर्त के स्थान पर अब प्रमुख सचिव या समकक्ष पद पर कार्य कर चुके अधिकारी भी अध्यक्ष बन सकेंगे।
शिक्षा सेवा चयन आयोग की पहली पूर्णकालिक अध्यक्ष प्रो. कीर्ति पाण्डेय का इस्तीफा 26 सितंबर को स्वीकार किए जाने के दिन ही नए अध्यक्ष के चयन के लिए आवेदन
26 सितंबर से 21 अक्टूबर के मध्य लिए गए आवेदन पर साक्षात्कार कराने को लेकर नहीं हुआ निर्णय
लिए जाने की प्रक्रिया आवेदन के लिए 21 अक्टूबर तक यानी 26 दिन का समय दिया गया था। इस अवधि में आए कुल 67 आवेदनों में 37 ही स्क्रीनिंग के बाद मानक के अनुरूप थे। इनमें से अध्यक्ष के नामों को लेकर दो बार उच्चस्तरीय बैठक हुई, लेकिन कोई निर्णय नहीं लिया जा सका। अब
आवेदन का दायरा बढ़ाने के लिए अधिनियम में संशोधन कर अब नए सिरे से विज्ञापन जारी किए जाने की तैयारी है। चूंकि इसके पहले आवेदन के लिए 26 दिन का समय दिया गया था, ऐसे में संभावना है कि यदि अध्यक्ष का चयन जल्दी करने के लिए आवेदन हेतु समय कम भी दिया जाएगा तो भी आवेदनों की स्क्रीनिंग और साक्षात्कार कराकर नया अध्यक्ष दिसंबर के पहले चुने जाने की उम्मीद कम है। बहुत तेजी किए जाने पर भी दिसंबर में ही अध्यक्ष मिलने की संभावना है।