परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत बीएड योग्यताधारी सहायक अध्यापकों के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ब्रिज कोर्स करना अनिवार्य हो गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बेसिक शिक्षा निदेशालय ने ऐसे शिक्षकों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) से ब्रिज कोर्स करने के निर्देश दिए हैं। सभी बीएसए को ऐसे शिक्षकों को भी इसके लिए जागरूक करने को कहा गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने प्राथमिक शिक्षक बनने के लिए बीएड की डिग्री को अमान्य कर दिया था, जिससे यूपी के भी 30 हजार से अधिक शिक्षकों की नौकरी पर खतरा पैदा हो गया था। हालांकि, पिछले साल 8 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए इन शिक्षकों को राहत दे दी थी कि पहले से नियुक्त बीएड डिग्रीधारी शिक्षकों को हटाना उचित नहीं होगा, लेकिन उन्हें प्राथमिक शिक्षा के अनुरूप प्रशिक्षण देना आवश्यक है। शिक्षकों को छह महीने का ब्रिज कोर्स करना होगा। यह NIOS के
बेसिक शिक्षा निदेशालय ने जारी किए निर्देश, बीएड योग्यताधारी शिक्षक करवा लें पंजीकरण
जरिए तैयार किया जाएगा और इसे एक वर्ष के भीतर लागू करना होगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि यह आदेश केवल यूपी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देशभर में ऐसे सभी मामलों पर लागू होगा।
असमंजस में थे शिक्षक : NIOS
ने ओपन ऐंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) मोड में ब्रिज कोर्स के लिए आवेदन प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी। कई राज्यों में शिक्षा विभाग ने बीएड डिग्रीधारी शिक्षकों को इन पाठ्यक्रमों में पंजीकरण करवाने के निर्देश भी जारी कर दिए थे। लेकिन, यूपी में कोई निर्देश होने से शिक्षकों में ऊहापोह की स्थिति थी। अब बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने इस संदर्भ में आदेश जारी कर दिया है। इसमें कहा गया है कि दायरे में आने वाले शिक्षक 25 दिसंबर तक ब्रिज कोर्स के लिए पंजीकरण कर लें। पंजीकरण एनआईओएस की वेबसाइट पर http://bridge.nios.ac.in ऑनलाइन होगा। निर्धारित समय में ब्रिज कोर्स पूरा न करने वाले शिक्षक की नियुक्ति अमान्य कर दी जाएगी।
