(महाराष्ट्र सरकार का महत्वपूर्ण नोटिफिकेशन जारी)
महाराष्ट्र के स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की पदोन्नति (Promotion) को लेकर चल रही सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए एक स्पष्ट आदेश जारी किया है। नए नोटिफिकेशन के अनुसार, अब राज्य के सरकारी और अनुदानित स्कूलों में शिक्षकों को प्रमोशन पाने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करना अनिवार्य होगा।
📌 नोटिफिकेशन की मुख्य बातें (Key Highlights):
* TET बिना प्रमोशन नहीं: विभाग ने साफ कर दिया है कि वरिष्ठता (Seniority) चाहे कितनी भी हो, यदि शिक्षक ने TET परीक्षा पास नहीं की है, तो उन्हें प्रमोशन नहीं दिया जाएगा।
* सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन: यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के तहत लिया गया है, जिसमें कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले सभी शिक्षकों (नए और पुराने) के लिए TET को अनिवार्य बताया गया था।
* 5 साल से कम सेवा वाले शिक्षकों के लिए नियम:
* जिन शिक्षकों के रिटायरमेंट (सेवा निवृत्ति) में 5 साल से कम का समय बचा है, उनकी नौकरी सुरक्षित रहेगी, लेकिन वे प्रमोशन के हकदार नहीं होंगे जब तक कि वे TET पास नहीं कर लेते।
* 5 साल से अधिक सेवा वाले शिक्षकों के लिए नियम:
* जिनके रिटायरमेंट में 5 साल से ज्यादा का समय बाकी है, उन्हें TET पास करने के लिए सरकार ने नवंबर 2027 तक का समय दिया है। यदि वे इस समय सीमा में परीक्षा पास कर लेते हैं, तभी वे भविष्य में प्रमोशन के पात्र माने जाएंगे।
📰 ‘हिंदुस्तान’ न्यूज़ पेपर की रिपोर्ट के अनुसार:
प्रमुख समाचार पत्र ‘हिंदुस्तान’ ने अपनी रिपोर्ट में इस खबर की पुष्टि करते हुए लिखा है:
> “TET: बगैर टीईटी वाले शिक्षकों को नहीं मिलेगा प्रमोशन, सरकार ने किया साफ, नवंबर 2027 तक की मोहलत”
>
रिपोर्ट में बताया गया है कि राज्य के प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने अधिकारियों के सवालों का जवाब देते हुए यह स्पष्टीकरण जारी किया है। पहले कई शिक्षक यह उम्मीद कर रहे थे कि वे ‘अंडरटेकिंग’ (शपथ पत्र) देकर प्रमोशन पा लेंगे और बाद में परीक्षा पास करेंगे, लेकिन विभाग ने इस विकल्प को खारिज कर दिया है। अब “पहले TET पास, फिर प्रमोशन” का नियम ही लागू होगा।
इससे राज्य के हजारों शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया पर सीधा असर पड़ेगा, और वरिष्ठता सूची में भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं।