2.39 लाख सीटों में से 1.57 लाख रिक्त, दो चरणों के बाद केवल 82 हजार ने लिया प्रवेश
प्रयागराज। डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) सत्र 2025 में प्रवेश प्रक्रिया के दो चरण पूरे होने के बाद भी बड़ी संख्या में सीटें रिक्त रह गई हैं। कुल 2,39,500 सीटों में से 10,600 सीटें डीआईईटी जबकि 2,28,900 सीटें निजी एवं अल्पसंख्यक संस्थानों के लिए – आवंटित हैं। इनमें से अब तक
केवल 82,095 अभ्यर्थियों ने प्रवेश लिया है, जिससे लगभग 1.57 लाख सीटें रिक्त रह गई हैं।
प्रवेश प्रक्रिया का संचालन उत्तर प्रदेश परीक्षा नियामक प्राधिकारी द्वारा किया जा रहा है। शनिवार को दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद प्राप्त सूचनाओं के अनुसार प्रदेश के 67 जिलों में संचालित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान
(डीआईईटी) तथा निजी एवं अल्पसंख्यक कॉलेजों में अपेक्षित संख्या में प्रवेश नहीं हो सका।
प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों के लिए ऑनलाइन रिपोर्ट लॉक करने की अंतिम तिथि 23 फरवरी निर्धारित की गई है। इसके बाद 24 फरवरी से प्रशिक्षण सत्र प्रारंभ होगा।
बड़ी संख्या में सीटें खाली रहने से शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के प्रति घटती रुचि और निजी
संस्थानों में नामांकन की स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आगे की किसी संभावित प्रवेश प्रक्रिया में इन रिक्त सीटों को किस प्रकार भरा जाता है। वहीं, दूसरे चरण तक कुल 86,046 अभ्यर्थियों को संस्थान आवंटित किए गए थे, लेकिन इनमें से केवल 82,095 अभ्यर्थियों ने ही प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण की।