लखनऊः भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की इंस्पायर अवार्ड मानक योजना 2025-26 में उत्तर प्रदेश के 7173 विद्यार्थियों के इनोवेशन आइडिया का चयन किया गया है। चयनित विद्यार्थियों को अपने वैज्ञानिक आइडिया पर माडल या प्रोजेक्ट तैयार करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से 10-10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि सीधे बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से दी जाएगी। विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और इंस्पायर अवार्ड मानक प्रभारी शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि चयनित विद्यार्थियों के बैंक खाते सक्रिय रखें। यदि किसी छात्र के खाते में केवाईसी या अन्य औपचारिकताएं लंबित हैं तो उन्हें तुरंत पूरा कराया जाए, ताकि प्रोत्साहन राशि के हस्तांतरण में किसी प्रकार की बाधा न आए।
इस योजना में प्रदेश के सभी 18 मंडलों में से लखनऊ मंडल सबसे आगे रहा है। लखनऊ जिले से सर्वाधिक 370 विद्यार्थियों के आइडिया चयनित हुए हैं, जबकि मंडल स्तर पर लखनऊ मंडल से कुल 906 प्रोजेक्ट चयनित हुए हैं। जिला स्तर पर दूसरे स्थान पर प्रयागराज है, जहां 216 विद्यार्थियों के आइडिया का चयन हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक चयनित बाल वैज्ञानिक को अपने माडल तैयार करने के लिए 10 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह राशि सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।
स्कूलों में वैज्ञानिक सोच को मिलेगा बढ़ावा
इंस्पायर अवार्ड मानक योजना का उद्देश्य स्कूल स्तर पर विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत कक्षा छह से 12 तक के विद्यार्थियों ने अपने नए वैज्ञानिक विचार या समस्या के समाधान से जुड़े आइडिया को प्रस्तुत किया था। इसमें से श्रेष्ठ आइडिया का चुनाव किया गया। चयनित विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता देकर उनके आइडिया को माडल के रूप में विकसित करने का अवसर दिया जाएगा। इस बार चयनित विद्यालयों में बेसिक शिक्षा और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के बच्चों ने भी स्थान बनाया है। निजी विद्यालयों के बच्चों के आइडिया का भी चयन हुआ है।