अनावरण
नई दिल्ली, एजेंसी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को जनगणना-2027 के लिए चार डिजिटल प्लेटफॉर्म का ‘सॉफ्ट लॉन्च’ किया। ये देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना के संचालन में सहायक होंगे। वहीं, दो शुभंकर प्रगति (महिला) और विकास (पुरुष) का औपचारिक अनावरण भी किया। जनगणना का पहला चरण एक अप्रैल से शुरू होगा।
का देशभर में गणना कार्यों को सुगम बनाने के लिए सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डैक) ने ये एडवांस डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किए हैं। सॉप्ट लॉन्च से आशय किसी वेब एप्लिकेशन या सेवा का उपयोग बड़े पैमाने पर शुरू करने से पहले सीमित दायरे में प्रायोगिक तौर पर जारी करना। शाह ने उपग्रह तस्वीरों इस्तेमाल कर डिजिटल रूप से मकान सूचीकरण ब्लॉक बनाने के लिए हाउस लिस्टिंग ब्लॉक क्रिएटर (एचएलबीसी) वेब एप्लिकेशन लॉन्च किया, जिससे देशभर में भौगोलिक कवरेज का मानकीकरण सुनिश्चित होता है। इसके अलावा उन्होंने एचएलओ मोबाइल एप्लिकेशन का भी सॉफ्ट लॉन्च किया। एचएलओ मोबाइल एप्लिकेशन एक सुरक्षित ऑफलाइन मोबाइल एप्लिकेशन है, जिसके माध्यम से मकान सूचीकरण डेटा को एकत्र एवं अपलोड किया जा
सकेगा। इसके साथ ही स्व-गणना (एसई) पोर्टल की भी शुरुआत के साथ पहली बार स्व-गणना का विकल्प प्रदान किया जा रहा है। जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (सीएमएमएस) पोर्टल के तौर पर एक केंद्रीकृत वेब-आधारित डिजिटल मंच शुरू किया गया है, जिससे गतिविधियों की निगरानी की जाएगी।
दो चरणों में होगी जनगणनाः
प्रथम चरण में गृह-सूचीकरण एवं आवास जनगणना और दूसरे चरण में जनगणना होगी। प्रथम चरण अप्रैल से सितंबर 2026 तक होगा। दूसरा चरण फरवरी 2027 में पूरा होगा।
पहली बार जाति गणना
16वीं जनगणना के लिए 11,718 करोड़ रुपये की लागत वाले अभियान में कई मायनों में पहली बार जातिगत गणना भी होगी। पूरी तरह से डिजिटल प्रक्रिया नागरिकों को स्वयं गणना का विकल्प प्रदान करेगी। 2021 में यह दशकीय कवायद कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित कर दी गई थी।
शुभंकर ‘प्रगति’ व ‘विकास’
शाह ने जनगणना-2027 के शुभंकरों प्रगति (महिला) और विकास (पुरुष) का भी औपचारिक रूप से अनावरण किया। ये शुभंकर 2047 में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को पूरा करने में महिला-पुरुषों की बराबर भागीदारी के प्रतीक हैं।