प्रदेश में अब तक 39873 बच्चों को दिलाया गया प्रवेश, बदायूं दूसरे स्थान पर
लखनऊ। गरीब बच्चों का निजी स्कूलों में दाखिला कराने में लखनऊ प्रदेश में अव्वल है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत नए शैक्षिक सत्र 2026-27 में लखनऊ में सबसे ज्यादा 6700 बच्चों का नामांकन हुआ है। बेसिक शिक्षा निदेशालय के आंकड़ों के मुताबिक आरटीई के तहत प्रदेश में अब तक 39873 बच्चों को प्रवेश मिल चुका है।
स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने बताया आरटीई के तहत मिले 444771 आवेदनों के सापेक्ष 195740 सीटों का आवंटन हो चुका है। उन्होंने बताया कि लखनऊ के बाद बदायूं में सर्वाधिक 2231 बच्चों का आरटीई के तहत निजी स्कूलों में नामांकन हुआ है। ऐसे ही बुलंदशहर में 1834, सहारनपुर में 1556 और आगरा में 1500 सीटों गरीब बच्चों को प्रवेश दिलाया गया। महानिदेशक ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस वर्ष प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी रही। डिजिटल माध्यमों के उपयोग, नियमित समीक्षा और प्रभावी समन्वय से आवेदन से लेकर प्रवेश तक की प्रक्रिया सुगम बनी। इसी का असर रहा कि इस बार ज्यादा आवेदन हुए।
सरकार सुनिश्चित कर रही है कि प्रत्येक पात्र बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिले। आरटीई के तहत पारदर्शी व्यवस्था और सख्त मॉनिटरिंग से शिक्षा के अधिकार को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। संदीप सिंह, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री
प्रवेश के मामले में शीर्ष 6 जिले
जिला
नामांकन
लखनऊ
6700
बदायूं
2231
बुलंदशहर
1834
सहारनपुर
1556
आगरा
1500
गोरखपुर
1034