पहले चरण में मकान, दूसरे में इंसानों की गणना स्व-गणना के लिए पोर्टल सोमवार को खोला गया
नई दिल्ली, । जनगणना के दौरान स्व-गणना का विकल्प चुनने वालों के लिए पोर्टल खोल दिया गया है। अक्सर पूछे जाने वाले सवालों (एफएक्यू) में कहा गया कि अगर लिव-इन में रहने वाले एक दूसरे को हमेशा के लिए अपना मानते हैं तो उन्हें वैवाहिक दंपति माना जाए। भारत के महापंजीयक और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायणन ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि जनगणना दो चरणों में होगी। पहले चरण में अप्रैल से सितंबर के बीच मकानों की गणना होगी। दूसरे चरण के तहत नागरिकों की गणना मार्च 2027 से शुरू होगी।
जियो टैगिंग होगी: देश के हर
भवन के लिए यूनीक आईडी और सटीक मैपिंग के लिए जियो टैगिंग
होगी। पोर्टल जनगणना के दोनों चरणों ‘हाउस लिस्टिंग, हाउसिंग जनगणना’ (एलएलओ) और जनसंख्या गणना के लिए उपलब्ध होगा।
पोर्टल पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों की सूची दी गई है ताकि लोग जनगणना के दौरान पूछे जाने वाले सवालों का आसानी से उत्तर दे सकें। अक्सर पूछा जाता है कि क्या लिव-इन में रहने वाले जोड़े को विवाहित माना जाएगा। जवाब में कहा गया कि वे एक-दूसरे को अपना मानते हैं, तो उन्हें विवाहित में माना जाए।
> डाटा गोपनीय रहेगा