टीईटी : शिक्षकों को देना होगा मानव संपदा कोड और सैलरी स्लिप
लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट ने देश भर के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य कर दी है। इससे 20-25 साल नौकरी कर चुके शिक्षक परेशान हैं, क्योंकि प्रदेश में टीईटी के आवेदन चल रहे हैं। इंटर के बाद बीटीसी करके शिक्षक बने लोग आवेदन नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उन्हें चिंता है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन वर्तमान आयोग ने स्पष्ट किया है कि शिक्षकों को एक बार का पंजीकरण कराने के बाद अधिक विवरण नहीं देना है। शिक्षकों ने बताया कि टीईटी के लिए स्नातक की योग्यता अनिवार्य की गई है, जबकि वे इंटर के बाद बीटीसी से शिक्षक बने हैं। इस कारण वे आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। ब्यूरो
यूपीटेट के लिए रजिस्ट्रेशन के बाद मिलेगा इसका विकल्प
इंटर के बाद बीटीसी शिक्षक आवेदन न होने से हैं परेशान
आवेदन की स्पष्टता
आयोग के अध्यक्ष सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि पहले से तैनात शिक्षकों के लिए आवेदन प्रक्रिया थोड़ी अलग है। उन्हें आयोग की वेबसाइट पर जाकर एक बार का पंजीकरण कराना होगा, जिसके बाद वे उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा में आवेदन कर सकेंगे। वर्तमान शिक्षकों को अपना नाम, स्कूल का नाम, कार्यभार ग्रहण करने की तिथि, मानव संपदा कूट व वेतन पर्ची की जानकारी देनी है।