📰 जनगणना 2027 के लिए बड़ा बजट: प्रगणकों को ₹25,000 तक मानदेय
नई दिल्ली/लखनऊ। भारत सरकार ने जनगणना 2027 के सफल संचालन के लिए व्यापक वित्तीय प्रावधान को मंजूरी दे दी है। 24 दिसंबर 2025 को जनगणना परिषद संख्या 7 के माध्यम से यह बजट स्वीकृत किया गया, जिससे डिजिटल जनगणना को कुशलतापूर्वक संचालित किया जा सके।
💰 प्रगणक और पर्यवेक्षकों के लिए मानदेय
जनगणना कार्य दो चरणों में पूरा होगा:
चरण I (मकान सूचीकरण – HLO): ₹9,000
चरण II (जनसंख्या गणना – PE): ₹16,000
👉 कुल मानदेय: ₹25,000
👨💼 अन्य अधिकारियों का मानदेय (HLO + PE)
पद
HLO
PE
कुल
राज्य नोडल अधिकारी
₹30,000
₹45,000
₹75,000
राज्य/संघ राज्य क्षेत्र अधिकारी
₹12,000
₹18,000
₹30,000
मंडलायुक्त/प्रमुख जनगणना अधिकारी
₹25,000
₹35,000
₹60,000
जिला/नगर जनगणना अधिकारी व DIO
₹20,000
₹25,000
₹45,000
उप-जिला/चार्ज अधिकारी
₹20,000
₹25,000
₹45,000
चार्ज कार्यालय जनगणना लिपिक
₹12,000
₹18,000
₹30,000
🖥 तकनीकी सहायता (18 महीने के लिए)
राज्य स्तर: 4 तकनीकी सहायक, 2 फेसीलिटेटर
जिला स्तर: 2 तकनीकी सहायक, 1 फेसीलिटेटर
चार्ज स्तर: 1 तकनीकी सहायक
👉 अधिकतम मासिक मानदेय:
तकनीकी सहायक: ₹25,000
फेसीलिटेटर: ₹18,000
🏢 राज्य, जिला और चार्ज के लिए वित्तीय सहायता
स्तर
IT Infrastructure
वाहन/ईंधन (POL)
कंटिन्जेंसी
राज्य
₹10,00,000
₹10,00,000
₹10,00,000
जिला
₹5,00,000
₹5,00,000
₹5,00,000
चार्ज
₹1,00,000
₹1,00,000
₹1,00,000
👉 यह राशि जनगणना के दोनों चरणों के लिए मान्य होगी।
📊 भुगतान प्रणाली और पारदर्शिता
सभी भुगतान PFMS (Public Fund Management System) के माध्यम से किए जाएंगे
केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकारों को Grant-in-Aid के रूप में राशि दी जाएगी
पूरी प्रक्रिया में लेखा परीक्षण (Audit), रिकॉर्ड रखरखाव और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी
जनगणना 2027 के लिए यह वित्तीय प्रावधान अब तक का सबसे व्यवस्थित और डिजिटल रूप से सशक्त बजट माना जा रहा है। इससे न केवल कार्य में तेजी आएगी बल्कि कर्मचारियों को उचित मानदेय और संसाधन भी मिलेंगे।