Home PRIMARY KA MASTER NEWS शिक्षकों की जनगणना व SIR ड्यूटी पर उचित प्रतिकर अवकाश की मांग – उत्तर प्रदेश की बेसिक शिक्षा विभाग की नीति पर ज़रूरी सवाल

शिक्षकों की जनगणना व SIR ड्यूटी पर उचित प्रतिकर अवकाश की मांग – उत्तर प्रदेश की बेसिक शिक्षा विभाग की नीति पर ज़रूरी सवाल

by Manju Maurya

उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में अब यह एक गहरा चिंता का विषय बन चुका है कि जनगणना और SIR (State Index of Reading / राज्य पठन सूचकांक) जैसे राष्ट्रीय व राज्य स्तर के कार्यक्रमों में ड्यूटी निभाने वाले शिक्षकों को नियमों के अनुरूप “प्रतिकर अवकाश” या “EL (Earned Leave)” का लाभ नहीं दिया जा रहा है। इस निर्णय ने शिक्षकों के बीच नाराजगी और असुरक्षा की भावना को बढ़ा दिया है, जो शिक्षण कार्य पर भी नकारात्मक असर डाल रही है।

जनगणना में शिक्षकों की भूमिका और नियम

भारत सरकार के निर्देश के अनुसार, आगामी 22 मई से 20 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि में भी शिक्षक जनगणना के लिए प्रगणक के रूप में ड्यूटी देंगे। इस अवधि में शिक्षक विद्यालय अवकाश के बीच घरों‑घर जाकर जनसंख्या एकत्र करने, फॉर्म भरवाने और अन्य आंकड़ों के प्रबंधन में लगे रहेंगे।

पिछली जनगणनाओं में यह परम्परा रही है कि जनगणना ड्यूटी के लिए शिक्षकों को प्रतिकर अवकाश या EL की स्वीकृति दी जाती थी। यह नियम‑अनुपालन शिक्षकों की द्विगुण भूमिका (स्कूल शिक्षण + राज्य कार्य) को सम्मान देने और उनके व्यक्तिगत अवकाश को न्यायसंगत बनाने के लिए ज़रूरी था। लेकिन इस बार उत्तर प्रदेश शासन ने इस नियम को अनुमन्य नहीं करने का निर्णय लिया है, जो न्यायसंगतता और शिक्षक‑सम्मान के विपरीत जाता है।

SIR कार्यक्रम में भी शिक्षकों ने दिया अतिरिक्त योगदान

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर चल रहे SIR (State Index of Reading) कार्यक्रम में भी शिक्षकों ने गहरा योगदान दिया है। इस डाटा‑आधारित अध्ययन में शिक्षकों ने:

सार्वजनिक अवकाश और रविवार के दिनों में भी ड्यूटी निभाई,

सामान्य कार्यदिवसों में विद्यालय‑समय के बाद भी SIR संबंधी गतिविधियों में लगातार कार्य किया,

बच्चों के पठन‑स्तर का आकलन, डेटा‑प्रवेश और निरीक्षण‑संचालन जैसे कठिन तकनीकी कार्य संभाले।

SIR जैसे कार्यक्रम भी शिक्षकों के लिए अतिरिक्त जिम्मेदारी और ओवरटाइम ड्यूटी के रूप में देखे जाने चाहिए, इसलिए नियमानुसार इसके लिए भी प्रतिकर अवकाश या EL का लाभ दिया जाना उचित और अनिवार्य है।

उत्तर प्रदेश शासन की नीति–असंगति और शिक्षकों की चिंता

उत्तर प्रदेश शासन की नीति अब इस स्थिति में दोहरी भूमिका दे रही है:

एक ओर शासन शिक्षकों से जनगणना और SIR जैसे राष्ट्रीय व राज्य-स्तर के कार्यों में पूर्ण सहयोग मांग रहा है,

दूसरी ओर उन्हें नियमतः प्राप्त होने वाले प्रतिकर अवकाश या EL के लाभ से वंचित रख रहा है।

यह दोहरा मानदंड शिक्षक‑कर्मियों के लिए अन्यायपूर्ण और असंवैधानिक लग रहा है। स्कूल–संचालन के साथ‑साथ इन अतिरिक्त ड्यूटियों में लगे शिक्षक व्यक्तिगत योजनाओं, पारिवारिक दौरों और चिकित्सा‑आवश्यकताओं के लिए भी EL या अवकाश की आवश्यकता रखते हैं।

उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की आवाज की आवश्यकता

इस संदर्भ में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण बन चुकी है। शिक्षक‑संगठनों का कर्तव्य है कि वे:

जनगणना और SIR में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों के लिए प्रतिकर अवकाश/EL की स्वीकृति की मांग को और जोर−दार ढंग से उठाएं,

शासन को याद दिलाएं कि यह जनगणना और SIR जैसे कार्यकर्ता भी शिक्षक ही हैं और इनके लिए नियमानुसार वही अधिकार होने चाहिए जो अन्य सरकारी कर्मचारियों के लिए होते हैं,

यदि शासन ने जनगणना और SIR ड्यूटी के लिए EL/प्रतिकर अवकाश नहीं दिया, तो शिक्षक‑संघ इस मुद्दे पर ज़रूर आवाज़ उठाएं,

विभिन्न माध्यमों – विधानसभा, शिक्षा विभाग, शिक्षक संघ; – के ज़रिए नीति उल्लंघन की ओर ध्यान आकर्षित करें।

अंत में अपील : नियम‑आधारित नीति की आवश्यकता

शिक्षक निर्वाचन आयोग, जनगणना और राज्य शिक्षा नीति के लिए ज़रूरी‑पुल बनकर काम करते हैं। इसके बदले उनके साथ नियम तोड़ना और अवकाश का लाभ रोकना उचित नहीं है। उत्तर प्रदेश शासन को नियम और न्यायपूर्ण शिक्षक‑सम्मान के आधार पर:

जनगणना ड्यूटी के लिए ग्रीष्मकालीन अवकाश अवधि में भी प्रतिकर अवकाश/EL देने का निर्णय लेना चाहिए,

SIR जैसे कार्यक्रमों के लिए भी अतिरिक्त ड्यूटी के अनुरूप leave/compensation की नीति बनानी चाहिए।

केवल ऐसी नीतिगत परिवर्तन ही शिक्षकों के विश्वास और उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग की पारदर्शिता को बनाए रख सकती है।

Related Articles

PRIMARY KA MASTER NOTICE

✍नोट :- इस ब्लॉग की सभी खबरें Google search से लीं गयीं, कृपया खबर का प्रयोग करने से पहले वैधानिक पुष्टि अवश्य कर लें, इसमें BLOG ADMIN की कोई जिम्मेदारी नहीं है, पाठक ख़बरे के प्रयोग हेतु खुद जिम्मेदार होगा!

PRIMARY KA MASTER

PRIMARY KA MASTER | primary ka master current news | primarykamaster | PRIMARY KA MASTER NEWS | primarykamaster news | up primary ka master | primary ka master | up ka master | uptet primary ka master | primary ka master com | प्राइमरी का मास्टर | basic siksha news | upbasiceduparishad |up basic news | basic shiksha parishad | up basic shiksha parishad | basic shiksha | up basic shiksha news | basic shiksha parishad news | basic news | up basic shiksha | basic shiksha news today | बेसिक शिक्षा न्यूज | बेसिक शिक्षा समाचार |basicshikshakparivar| basic shikshak parivar | basic shiksha samachar | basic ka master | basic shiksha com | up basic education news | basic shiksha vibhag | up basic shiksha latest news | Basicshikshak | up basic shiksha parishad news | uptet news | uptet latest news | uptet help | uptet blog | up tet news| updatemarts | update mart | SUPER TET | uptet latest news | uptetnews | www updatemarts com| updatemartsnews | ctet | d.el.ed | updeled | tet news | gurijiportal | upkamaster | basicshikshakhabar | primarykateacher | Shikshamitra | up shiksha mitra | shikhsa mitra news | govtjobsup | rojgarupdate | sarkari results | teachersclubs | sarkari master | sarkariresults| shasanadesh | tsctup |basicmaster | Basicguruji | sarkari rojgar