लखनऊ :
प्रदेश में अब कक्षा नौ और दस के छात्र भी पत्राचार शिक्षा के माध्यम से पढ़ाई कर सकेंगे। शिक्षा निदेशक माध्यमिक महेंद्र देव द्वारा जारी आदेश के मुताबिक नए शैक्षिक सत्र से इसके लिए पंजीकरण शुरू किया जा रहा है। अभी तक यह व्यवस्था सिर्फ इंटरमीडिएट के छात्रों के लिए ही लागू थी।
प्रयागराज स्थित पत्राचार शिक्षा संस्थान की स्थापना वर्ष 1980 में शासनादेश के तहत की गई थी। इसका उद्देश्य ऐसे अभ्यर्थियों को पढ़ाई का अवसर देना था,
जो माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में व्यक्तिगत (प्राइवेट) परीक्षार्थी के रूप में शामिल होते हैं। इसमें यह भी तय किया गया था कि व्यक्तिगत परीक्षार्थियों को संस्थान में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा और उन्हें संस्थान द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम का पालन करना होगा। समय के साथ ऐसे छात्रों की संख्या लगातार बढ़ती गई, जिसके चलते अब इस व्यवस्था का विस्तार किया गया है। इससे उन छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी, जो नियमित स्कूल में पढ़ाई नहीं कर पाते लेकिन बोर्ड परीक्षा देना चाहते हैं।