उन्नाव, 128 दिन बाद भी बेसिक शिक्षा विभाग से रिटायर क शिक्षकों को फंड और पेंशन भुगतान के कालिए धक्के खाने को मजबूर होना पड़ रहा है। कोई आर्थिक संकट के कारण अपनी गंभीर बीमारी से जूझ रहा है तो किश्त व अन्य खर्च को पूरा कर पाने में हाथ सिकोड़ रहा है। ब्लाक से लेखा के बीच फंसे शिक्षक अभी तक सिर्फ अफसरों और कर्मचारियों के आश्वासन की घुट्टी पी रहे है।
जिले में सभी ब्लाकों से 68 शिक्षक सेवानिवृत्त हुए है। इसमें 11 शिक्षक स्वैच्छिक सेवानिवृत्त और 8 शिक्षक
30 शिक्षकों का रुपया GG ३० शिक्षकका रुका आज और 9 का एक दो दिन में फंड भेज दिया जाएगा। बाकी की फाइलें अभी ब्लॉक पर पेंडिंग है। जो शेष शिक्षक है परेशान न हो जल्द से जल्द उनका फंड और पेंशन खाते में पहुंच जाएगा। शालिनी सिंह, एकाउंट अफसर
एनपीएस वाले है। 31 मार्च 2026 को सभी शिक्षकों को नौकरी से छुट्टी दी गई थी। रिटायरमेंट के एक माह बाद भी
शिक्षकों को उनके अधिकार से वंचित रखा गया है। सेवानिवृत शिक्षकों में कई गंभीर बीमारी से भी जूझ रहे है।
इलाज के लिए उन्हें इस समय फंड और पेंशन की बेहद आवश्यकता है। जीपीएफ का लाभ पाने वाले शिक्षकों में सफीपुर से एक शिक्षक है। जबकि बिछिया से सात, गंजमुरादाबाद से चार, हिलौली से एक, सि.कर्ण से आठ, बांगरमऊं से दो, असोहा से एक, ‘हसनगंज से दो, एफ चौरासी से चार, बीघापुर से चार, नगर क्षेत्र से पांच, नवाबगंज से 5, सुमेरपुर से चार, सरोसी से सात मिलाकर 60 रिटायर हुए है।