एससीईआरटी की ओर से एप के प्रयोग पर कार्यशाला का आयोजन
लखनऊ। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने स्कूलों में दिव्यांग बच्चों की पहचान के लिए प्रशस्त एप विकसित किया है। इसके जरिये 21 तरह की दिव्यांगता की जांच आसानी से की जा सकेगी। यह कवायद इन बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का काम करेगी। यह जानकारी शिक्षा मंत्रालय की उप सचिव इरा सिंघल ने दी। वह मंगलवार को एससीईआरटी की ओर से माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में प्रशस्त एप के प्रयोग को लेकर आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं।
सिंघल ने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की समय पर प्रारंभिक जांच, मूल्यांकन और पहचान होना जरूरी है। इसलिए सभी राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों को सभी बच्चों की चरणबद्ध व
प्रशस्त एप के बारे में बतातीं शिक्षा मंत्रालय की उप सचिव इरा सिंघल । – विभाग
व्यवस्थित जांच के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। उन्होंने कहा कि एनआईसी व डीओएसईएल द्वारा विकसित किया जा रहा नया प्रशस्त एप 2.0, यू-डायस के साथ एकीकरण में विद्यालय प्रमुखों, शिक्षकों, विशेष शिक्षाविदों व छात्रों को जोड़ने और विद्यालय स्तर की जांच करने की सुविधा देगा। एप को मई में लॉन्च होने की उम्मीद है। इसलिए अभी उपयोगकर्ता स्वीकृति परीक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे एप को प्रयोग में लाने
से पूर्व उसकी कमियों को दूर किया जा सके।
उन्होंने बताया कि शिक्षकों को एप का प्रयोग करने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम के व्यापक लक्ष्यों का हिस्सा है। कार्यशाला में शिक्षा मंत्रालय के प्रभात मिश्रा, संयुक्त निदेशक डॉ. भारती कौशिक, प्रो. आनंद मेहता, एससीईआरटी के निदेशक गणेश कुमार आदि उपस्थित रहे।