*राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने डीएम से की शिकायत, बेसिक शिक्षा विभाग पर अनियमितता और मनमानी के गंभीर आरोप*
सुल्तानपुर। बेसिक शिक्षा विभाग में प्रभारी प्रधानाध्यापक तैनाती को लेकर विवाद बढ़ गया है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। संगठन ने आरोप लगाया है कि तैनाती प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी, वरिष्ठ शिक्षकों की उपेक्षा और मनमाने तरीके से कनिष्ठ शिक्षकों को प्रभारी प्रधानाध्यापक बनाए जाने से शिक्षकों में भारी असंतोष व्याप्त है।
संगठन की ओर से जिलाधिकारी को दिए गए पत्र में कहा गया है कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जनवरी 2026 में जारी विभिन्न पत्रों के माध्यम से प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों तथा उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों के सहायक अध्यापकों से सहमति पत्र मांगे गए थे, लेकिन पूरी प्रक्रिया में वरिष्ठता, पात्रता और चयन की शर्तें स्पष्ट नहीं की गईं। इससे शिक्षकों के बीच भ्रम और असमंजस की स्थिति बनी रही।
महासंघ ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश और अपर मुख्य सचिव द्वारा जारी निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि प्रभारी प्रधानाध्यापक के रूप में वरिष्ठ सहायक अध्यापकों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी, लेकिन वास्तविकता में कई स्थानों पर कनिष्ठ शिक्षकों को तैनात कर दिया गया।
संगठन ने आरोप लगाया कि 10 अप्रैल 2026 को जारी तैनाती आदेश के बाद 19, 20 और 21 अप्रैल को की गई नियुक्तियों में पारदर्शिता नहीं बरती गई। ज्येष्ठता सूची सार्वजनिक नहीं की गई, काउंसलिंग का कोई स्पष्ट पत्र जारी नहीं हुआ और रिक्त विद्यालयों की सूची तक प्रदर्शित नहीं की गई। इसके अलावा कई विद्यालय एकल शिक्षक वाले हो गए तथा विषयवार आवश्यकता का भी ध्यान नहीं रखा गया।
शिकायत में यह भी कहा गया कि कुछ प्रभारी प्रधानाध्यापकों की तैनाती नगर और गृह क्षेत्र के आसपास की गई है। संगठन ने आरोप लगाया कि मनचाहे विद्यालय पाने के लिए धनराशि लेन-देन की शिकायतें भी मिली हैं। कुछ कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग संगठन के पास साक्ष्य के रूप में उपलब्ध होने का दावा किया गया है।
महासंघ ने बताया कि इस संबंध में 30 अप्रैल और 11 मई को भी बीएसए को पत्र देकर आपत्ति दर्ज कराई गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। संगठन ने जिलाधिकारी से मांग की है कि संपूर्ण तैनाती प्रक्रिया को निरस्त कर नियमों और वरिष्ठता के आधार पर पारदर्शी तरीके से नई तैनाती कराई जाए।