Home PRIMARY KA MASTER NEWS उत्तर प्रदेश परिषदीय विद्यालयों के मर्जर केस: लखनऊ हाईकोर्ट में सुनवाई का विस्तृत विवरण

उत्तर प्रदेश परिषदीय विद्यालयों के मर्जर केस: लखनऊ हाईकोर्ट में सुनवाई का विस्तृत विवरण

by Manju Maurya

मर्जर केस

 👉   लखनऊ बेंच में सुनवाई आरम्भ 

👉अगली तारीख : 01 सितम्बर

आज सरकार ने मौखिक रूप से कहा कि “हमने एक किलोमीटर से अधिक वाले डिमर्ज कर दिए हैं।”

लेकिन माननीय न्यायालय ने इस कथन को मानने से इंकार कर दिया और स्पष्ट कहा कि –

“यह डेटा ग़लत है, आप सही व संपूर्ण डेटा न्यायालय में प्रस्तुत कीजिए।”

यही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है कि अब सच को छुपाया नहीं जा सकेगा।

लड़ेंगे और जीतेंगे 

#राणा

उत्तर प्रदेश परिषदीय विद्यालयों के मर्जर केस: लखनऊ हाईकोर्ट में सुनवाई का विस्तृत विवरण 📚⚖️

📌 *परिचय*

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा परिषदीय विद्यालयों के मर्जर (विलय) के फैसले को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में चल रहा मामला शिक्षा व्यवस्था और बच्चों के भविष्य से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय बन गया है। 🏛️ इस केस में सरकार की नीति और छात्रों के हितों के बीच टकराव देखने को मिल रहा है, जिसमें अदालत ने हस्तक्षेप करते हुए संतुलन बनाने का प्रयास किया है। इस लेख में हम इस मामले की पृष्ठभूमि, समयरेखा, अदालती प्रक्रिया, और नवीनतम घटनाक्रम को विस्तार से प्रस्तुत करेंगे।

🕰️ *केस की पृष्ठभूमि*

उत्तर प्रदेश सरकार ने 16 जून 2025 को एक आदेश जारी करके प्रदेश के उन प्राथ,मिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को मर्ज (विलय) करने का निर्णय लिया, जहाँ छात्रों की संख्या 50 से कम थी। 🏫 इस नीति का उद्देश्य संसाधनों का बेहतर उपयोग, शिक्षकों की कमी को दूर करना, और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार बताया गया। सरकार का दावा था कि इससे छात्रों को बेहतर सुविधाएँ मिल सकेंगी और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

हालाँकि, इस नीति का व्यापक विरोध हुआ। आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इसकी कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि परिषदीय विद्यालयों में पहले से ही 1.26 लाख शिक्षक पद रिक्त हैं और 2018 के बाद से कोई भर्ती नहीं हुई है। उन्होंने मांग की कि सरकार को मर्जर का फैसला वापस लेना चाहिए और रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।

⚖️ *अदालत में चुनौती और समयरेखा*

📅 *प्रमुख तिथियाँ और घटनाक्रम*

· 16 जून 2025: उत्तर प्रदेश सरकार ने 50 से कम छात्रों वाले विद्यालयों के मर्जर का आदेश जारी किया।

· 1 जुलाई 2025: सीतापुर की छात्रा कृष्णा कुमारी समेत 51 बच्चों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करके इस आदेश को चुनौती दी। उन्होंने इसे शिक्षा के अधिकार (RTE) अधिनियम, 2009 का उल्लंघन बताया।

· 2 जुलाई 2025: अन्य बच्चों ने भी याचिका दाखिल की और RTE उल्लंघन का आरोप लगाया।

· 3-4 जुलाई 2025: सिंगल बेंच में बहस हुई और फैसला सुरक्षित रखा गया।

· 7 जुलाई 2025: सिंगल बेंच ने सरकार के फैसले को सही ठहराते हुए याचिका खारिज कर दी।

· 22 जुलाई 2025: अपील की सुनवाई डबल बेंच में शुरू हुई।

· 24 जुलाई 2025: डबल बेंच (मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह) ने सीतापुर जिले में स्कूल मर्जर पर अंतरिम रोक लगाते हुए यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया। अगली सुनवाई 21 अगस्त के लिए निर्धारित की गई।

· 21 अगस्त 2025: डबल बेंच में सुनवाई हुई। सरकार ने बताया कि 1 किमी से अधिक दूरी वाले स्कूलों का मर्जर नहीं किया जाएगा। अदालत ने सरकार को सही आंकड़े पेश करने का निर्देश दिया और अगली सुनवाई 1 सितंबर के लिए तय की गई।

👨‍⚖️ अदालती सुनवाई और तर्क

📢 *याचिकाकर्ताओं के तर्क*

याचिकाकर्ताओं (मुख्यतः छात्रों और अभिभावकों) ने अपने तर्कों में कहा कि:

· मर्जर से बच्चों को 3-5 किमी दूर स्कूल जाना पड़ेगा, जिससे उनकी पढ़ाई और सुरक्षा प्रभावित होगी।

· यह नीति शिक्षा के अधिकार (RTE) अधिनियम, 2009 का उल्लंघन है, जिसमें 6-14 साल के बच्चों के लिए नजदीकी स्कूल की व्यवस्था अनिवार्य है।

· सरकार ने बिना उचित सर्वे और काउंसलिंग के जल्दबाजी में आदेश जारी किया है।

· कई स्कूलों में नामांकन कम होने और शिक्षक अनुपात असमान होने के बावजूद मर्जर का फैसला ठीक नहीं है।

🏛️ *सरकार के तर्क*

सरकार की ओर से पेश हुए अधिवक्ताओं ने अपने तर्कों में कहा कि:

· मर्जर का उद्देश्य संसाधनों का बेहतर उपयोग और छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा उपलब्ध कराना है।

· राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2020 के तहत यह फैसला लिया गया है।

· बंद होने वाले स्कूलों को पंचायत भवन, सामुदायिक केंद्र या लाइब्रेरी में बदला जाएगा, ताकि उनका उपयोग जारी रहे।

· सरकार ने स्पष्ट किया कि 1 किमी से अधिक दूरी वाले स्कूलों का मर्जर नहीं किया जाएगा और जहाँ 50 से अधिक छात्र हैं, उन्हें भी मर्जर से बाहर रखा जाएगा।

👨‍⚖️ *अदालत की टिप्पणियाँ*

अदालत ने इस मामले में कई महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ कीं:

· 24 जुलाई 2025: डबल बेंच ने कहा कि सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे और रिकॉर्ड में कुछ विसंगतियाँ पाई गई हैं। कोर्ट ने सवाल किया, “जब बच्चे ही स्कूल जाने को तैयार नहीं हैं, तो मर्जर किस आधार पर किया जा रहा है?”

· 21 अगस्त 2025: अदालत ने सरकार से कहा कि वह सही आंकड़े पेश करे और मर्जर की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखे।

📊 *मर्जर नीति का प्रभाव*

इस नीति के कारण लगभग 5,000 स्कूल प्रभावित होने का अनुमान था। सरकार ने दावा किया कि मर्जर से छात्रों को बेहतर संसाधन और आधारभूत ढाँचा मिलेगा, लेकिन आलोचकों का मानना है कि इससे दूर-दराज के इलाकों में शिक्षा की पहुँच और सीमित हो जाएगी। बच्चों, विशेषकर लड़कियों, के ड्रॉपआउट होने की आशंका बढ़ गई है।

🗣️ *राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएँ*

इस मामले ने राजनीतिक हलचल भी पैदा की है:

· AAP नेता संजय सिंह ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह शिक्षकों की भर्ती करने के बजाय स्कूलों को बंद करने पर आमादा है।

· कांग्रेस और CPI(ML) जैसे दलों ने भी इस नीति की आलोचना की और इसे वापस लेने की मांग की।

· शिक्षक संघों और सामाजिक संगठनों ने भी विरोध प्रदर्शन किए और अदालत का रुख किया।

🔮 *भविष्य की संभावनाएँ*

1 सितंबर 2025 को अगली सुनवाई में सरकार को अदालत के समक्ष सही और पूर्ण आंकड़े पेश करने होंगे। अदालत का फैसला न केवल सीतापुर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में स्कूल मर्जर नीति के भविष्य को प्रभावित करेगा। यह मामला शिक्षा के अधिकार और सरकारी नीतियों के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मिसाल कायम कर सकता है।

📝 *निष्कर्ष*

उत्तर प्रदेश में परिषदीय विद्यालयों के मर्जर का मामला शिक्षा, कानून और नीति निर्माण का एक जटिल संगम है। अदालत ने अब तक संतुलित रुख अपनाते हुए छात्रों के हितों का संरक्षण करने की कोशिश की है। सरकार ने मर्जर के मानदंडों में ढील देते हुए 1 किमी से अधिक दूरी वाले स्कूलों को मर्जर से बाहर रखा है, लेकिन अदालत इसे और स्पष्ट करने की मांग कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले का फैसला उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था के भविष्य के लिए अहम साबित होगा।

Related Articles

PRIMARY KA MASTER NOTICE

✍नोट :- इस ब्लॉग की सभी खबरें Google search से लीं गयीं, कृपया खबर का प्रयोग करने से पहले वैधानिक पुष्टि अवश्य कर लें, इसमें BLOG ADMIN की कोई जिम्मेदारी नहीं है, पाठक ख़बरे के प्रयोग हेतु खुद जिम्मेदार होगा!

PRIMARY KA MASTER

PRIMARY KA MASTER | primary ka master current news | primarykamaster | PRIMARY KA MASTER NEWS | primarykamaster news | up primary ka master | primary ka master | up ka master | uptet primary ka master | primary ka master com | प्राइमरी का मास्टर | basic siksha news | upbasiceduparishad |up basic news | basic shiksha parishad | up basic shiksha parishad | basic shiksha | up basic shiksha news | basic shiksha parishad news | basic news | up basic shiksha | basic shiksha news today | बेसिक शिक्षा न्यूज | बेसिक शिक्षा समाचार |basicshikshakparivar| basic shikshak parivar | basic shiksha samachar | basic ka master | basic shiksha com | up basic education news | basic shiksha vibhag | up basic shiksha latest news | Basicshikshak | up basic shiksha parishad news | uptet news | uptet latest news | uptet help | uptet blog | up tet news| updatemarts | update mart | SUPER TET | uptet latest news | uptetnews | www updatemarts com| updatemartsnews | ctet | d.el.ed | updeled | tet news | gurijiportal | upkamaster | basicshikshakhabar | primarykateacher | Shikshamitra | up shiksha mitra | shikhsa mitra news | govtjobsup | rojgarupdate | sarkari results | teachersclubs | sarkari master | sarkariresults| shasanadesh | tsctup |basicmaster | Basicguruji | sarkari rojgar