बाजार नियामक सेबी ने प्रस्ताव दिया है कि म्यूचुअल फंड के जोखिम मीटर को रंग योजना (कलर स्कीम) के माध्यम से प्रदर्शित किया जाए। इसकी मदद से निवेशकों को जोखिम का स्तर तुरंत पता लग जाएगा और वे तुरंत उचित निर्णय लेने में सक्षम हो सकेंगे। इस प्रस्ताव को जल्द ही लागू किया जा सकता है।

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गौरतलब है कि अधिकांश म्यूचुअल फंड योजनाएं काफी जोखिम वाली होती हैं और उसका स्तर बताने के लिए कंपनियां प्रतीक रूप में जोखिम मीटर का इस्तेमाल करती हैं। वर्तमान में इस जोखिम मीटर को संख्या के पैमाने पर मापा जाता है। यह कुछ निवेशकों के लिए समझने में मुश्किल होता है। सेबी के नए प्रस्ताव में रंगों का इस्तेमाल करने को कहा गया है।
इस मीटर में जोखिम के अलग-अलग स्तर के लिए छह तरह के रंगों का इस्तेमाल किया जा सकता है। बहुत उच्च जोखिम वाली म्यूचुअल फंड योजनाओं को लाल रंग से दर्शाया जा सकता है, जबकि कम जोखिम वाली योजनाओं को हरे रंग से माध्यम से दर्शाना होगा।
निवेशकों को समय पर सूचना मिल पाएगी
यदि किसी म्यूचुअल फंड योजना या उसके बेंचमार्क के जोखिम स्तर में कोई बदलाव होता है तो इसकी सूचना यूनिटधारकों को नोटिस के माध्यम से और ई-मेल या एसएमएस के माध्यम से देनी होगी। इससे यूनिटधारकों को समय-समय पर जोखिम के स्तर में होने वाले बदलावों के बारे में जानकारी मिलती रहेगी।
जोखिम के स्तर और रंग
● हरा रंग निम्न
●हल्का हरा-पीला निम्न से मध्यम
●चमकीला पीला मध्यम
●हल्का भूरा मध्यम उच्च
●गहरा नारंगी उच्च
●लाल बहुत उच्च