मेरठ। शनिवार की शाम को मुख्य विकास अधिकारी ने बेसिक शिक्षा कार्यालय का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान नारायणी भाटिया, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, बीएसए आशा चौधरी, प्रदीप कौशिक, खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय और अन्य स्टाफ मौजूद थे। निरीक्षण के समय कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। जब रजिस्टर खोले गए, तो कई खामियां सामने आईं।

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सीडीओ के मुताबिक, कार्यालय की सफाई संतोषजनक नहीं थी। पत्रावलियां बिखरी हुई पाई गईं और निर्देश दिए गए कि कार्यालय की उचित सफाई की जाए और पुरानी पत्रावलियों को वीड-आउट करने की प्रक्रिया अपनाई जाए। शौचालय में गंदगी और हैंड वॉश का अभाव पाया गया। एक हॉल में बच्चों के बैग से भरी बोरियों का ढेर लगा था, जिन्हें विकास खंडों में भेजा जाना था। प्रथम तल पर स्थित वित्त एवं लेखाधिकारी के कार्यालय का भी निरीक्षण हुआ, जहां उनके अनुपस्थित होने की जानकारी मिली। बीएसए ने बताया कि वित्त एवं लेखाधिकारी के पास कृषि विभाग का भी अतिरिक्त प्रभार है, इसलिए वे मौजूद नहीं थे। यह भी निर्देशित किया गया कि कृषि और बेसिक शिक्षा विभाग में उनकी उपस्थिति का रोस्टर बनाया जाए।