सादाबाद। सादाबाद ब्लॉक के 21 और सहपऊ ब्लॉक क्षेत्र के सात परिषदीय विद्यालयों में मंगलवार को एनजीओ ने मध्याह्न भोजन का वितरण नहीं किया। इस कारण इन सभी स्कूलों के करीब ढाई हजार बच्चे भूखे रह गए।
शिकायत पर एसडीएम संजय कुमार ने कई स्कूलों में जाकर जांच की। अब एनजीओ को नोटिस देने की तैयारी की जा रही है।
गौरतलब है कि एनजीओ द्वारा परिषदीय विद्यालयों में मध्याह्न भोजन के वितरण में पूर्व में भी लापरवाही सामने आती रही है। कभी
मध्याह्न भोजन मानक के अनुसार बनकर नहीं पहुंचता तो कभी देरी से विद्यालयों में पहुंचता है। इस तरह की शिकायतें शिक्षाधिकारियों से विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों द्वारा लगातार की जा रही हैं।

- प्रधानाचार्य व प्राचार्य के लिए 360 अंकों की होगी लिखित परीक्षा
- शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा पोर्टल जल्द
- स्कूलों में डीबीटी की तैयारी शुरू, 2.53 अरब स्वीकृत, कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को मिलेगा स्कूल बैग और स्टेशनरी
- कक्षा 01 एवं कक्षा 06 में शून्य नामांकन बढाने हेतु अतिरिक्त समय प्रदान करने के सम्बन्ध में।
- छात्र-छात्राओं को निःशुल्क स्कूल बैग उपलब्ध कराये जाने हेतु वित्तीय स्वीकृति।
मंगलवार को शिकायत पर जब एसडीएम संजय कुमार गांव राजनगर और शहबाजपुर के परिषदीय विद्यालयों में पहुंचे तो शिकायत सही पाई गई।
इन विद्यालयों के विद्यार्थियों व शिक्षकों ने एसडीएम को बताया कि एनजीओ द्वारा विद्यालय में मंगलवार को मध्याह्न भोजन का वितरण नहीं किया गया है।
बच्चे भूख से बिलबिला रहे हैं। एनजीओ ने मध्याह्न भोजन वितरण की कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की है। मीनू के अनुसार मंगलवार को इन बच्चों को सब्जी और चावल वितरित किए जाने थे।
हमारे क्षेत्र के 33 स्कूलों में इस एनजीओ द्वारा मध्याह्न भोजन का वितरण होता है, लेकिन मंगलवार को सात स्कूलों में मध्याह्न भोजन नहीं भेजा गया। इसकी रिपोर्ट बीएसए को भेज दी गई है।
– सुल्तान अहमद, बीईओ, सहपऊ।
ब्लॉक क्षेत्र के 21 विद्यालयों में एनजीओ द्वारा मध्याह्न भोजन का वितरण किया जाता है। मंगलवार को किसी भी विद्यालय में भोजन का वितरण नहीं किया गया है। इसकी रिपोर्ट बीएसए को भेज दी गई है।
– आलोक प्रताप श्रीवास्तव बीईओ सादाबाद।
श्यामा ग्रामोद्योग द्वारा सादाबाद व सहपऊ के विद्यालयों में मध्याह्न भोजन का वितरण किया जाता है। इन विद्याल यों में मंगलवार को एनजीओ द्वारा भोजन नहीं बांटा गया और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई। मैंने खुद कई स्कूलों में जांच की है और अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी है। बीएसए स्तर से भी एनजीओ को नोटिस जारी किया जा रहा है।- संजय कुमार, एसडीएम, सादाबाद।