प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पति की मृत्यु के बाद आश्रित कोटे में नौकरी कर रही बहू के वेतन से प्रत्येक माह साढ़े सात हजार रुपये की कटौती कर उक्त धनराशि वृद्ध ससुर के बैंक खाते में स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि दो साल बाद वेतन बढ़ने पर गुजारा भत्ते का पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा लेकिन ससुर को बकाया नहीं मिलेगा। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने दिया है।b

- 1 मई 2026 को बुद्ध पूर्णिमा का अवकाश, स्कूलों में रहेगी छुट्टी, देखें
- टीईटी अनिवार्यता मामले में एमपी सरकार के द्वारा Supreme court में शानदार पक्ष रखा गया⸻
- जनगणना 2027 परिवार क्या होता है?
- 20 जिलों में छात्रों की ऑनलाइन हाजिरी में लापरवाही : महानिदेशक
- सात मई से की जाएगी मकानों की गणना