नई दिल्ली। मेडिकल के स्नातक पाठ्यक्रम के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी नीट-यूजी, 2025 का आयोजन रविवार को होगा। यह पहला मौका है जब इस परीक्षा की निगरानी के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा होगा। परीक्षा की पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए करीब 93 फीसदी केंद्र सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में बनाए गए हैं। तैयारियां कितनी पुख्ता हैं, इसका पता लगाने के लिए शनिवार को सभी 5468 केंद्रों पर मॉक ड्रिल की गई।

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केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ सूत्रों के मुताबिक, नीट यूजी, 2025 के लिए 22.76 लाख छात्रों ने पंजीकरण कराया है। परीक्षा के दौरान पहला बाहरी सुरक्षा घेरा जिला मजिस्ट्रेट की टीम संभालेगी। दूसरा घेरा राज्यस्तरीय (पुलिस और राज्य के अधिकारी) होगा और तीसरे स्तर पर परीक्षा केंद्र के अंदर की निगरानी केंद्र सरकार की विशेष सुरक्षा टीम के हवाले होगी। सबसे बड़ी बात यह है कि यदि कोई उम्मीदवार परीक्षा से पहले, परीक्षा के दौरान या बाद में अनुचित साधनों का इस्तेमाल करते पाया गया तो उसके एनटीए की किसी भी परीक्षा में शामिल होने पर तीन
पुख्ता तैयारियों को परखने के लिए 5468 केंद्रों पर की गई मॉक ड्रिल, 22.76 लाख छात्रों का पंजीकरण
साल की पाबंदी लगा दी जाएगी। जानकारी के मुताबिक, सभी परीक्षा केंद्रों को जिलाधिकारियों की निगरानी में सौंपा जा चुका है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की टीम ने जिला मजिस्ट्रेटों के साथ मिलकर शनिवार को पहली बार सभी केंद्रों पर मॉक ड्रिल से तैयारियों को परखा। इसमें डमी स्टूडेंस के साथ उम्मीदवार की परीक्षा केंद्र के गेट पर जांच से लेकर अंदर बैठकर प्रश्नपत्र हल करने तक की प्रक्रिया को परखा गया।
प्रश्नपत्र परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था, जांच, सुरक्षा मानकों की भी जांच की गई। परीक्षा के दौरान तीनों सुरक्षा घेरो की अलग-अलग सीसीटीवी पर लाइव मॉनीटरिंग की जाएगी।