प्रयागराज, । 27 जुलाई को आयोजित उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ)-2023 की प्रारंभिक परीक्षा के आधा दर्जन से अधिक प्रश्नों पर प्रतियोगी छात्रों ने साक्ष्यों के साथ आपत्ति की है। छात्रों का कहना है कि 30 जुलाई को जारी उत्तर कुंजी में कई प्रश्न हैं जिनके जवाब गलत है। प्रश्न ‘भारत के भारत के निम्नलिखित में से कौन-से राज्य में उच्चतम जनसंख्या घनत्व पाया जाता है?’ का जवाब आयोग ने उत्तर प्रदेश सही माना है जबकि छात्रों ने एनसीईआरटी और जनगणना रिपोर्ट के आधार पर बिहार को सही माना है। प्रश्न ‘निम्नलिखित में से कौन नकदी फसलों से संबंधित हैं?’ का जवाब आयोग ने आलू, गन्ना और कपास सही माना है जबकि छात्र गन्ना, कपास और सफेद सरसों (रेपसीड) को सही माना है।

प्रश्न ‘कुछ लोग नागपुर से आए हैं’, वाक्य में ‘कुछ’ शब्द विशेषण का कौन-सा भेद है? का जवाब आयोग ने परिमाणवाचक विशेषण माना है जबकि
27 की 30 को जारी हुई थी उत्तरकुंजी
छात्रों ने साक्ष्यों के साथ आयोग को भेजी आपत्ति
छात्र संख्यावाचक विशेषण को सही मान रहे हैं। प्रश्न रबी की दलहनी फसल नहीं है का जवाब आयोग ने मूंग जबकि छात्रों ने सेम की फली (फ्रेंच बीन) को सही माना है। एक अन्य प्रश्न उत्पादन की दृष्टि से भारत में किस फल का प्रथम स्थान है का जवाब आयोग केला और छात्र आम को सही मान रहे हैं। वैधानिक संस्था और आकृति के प्रश्नों पर भी छात्रों का जवाब आयोग से अलग है। छात्रों ने कुछ अन्य प्रश्नों के सही उत्तर साक्ष्य सहित आयोग को भेजे हैं। प्रतियोगी छात्र राजन त्रिपाठी का कहना है कि अभ्यर्थियों में आक्रोश सिर्फ उत्तरकुंजी को लेकर ही नहीं है बल्कि उन तथाकथित विशेषज्ञों को लेकर भी है जो 150 से 200 सही नहीं बना पाते हैं। जब तक इन विशेषज्ञों पर उचित कार्यवाही नहीं होगी गंभीर अभ्यर्थियों को इसका नुकसान उठाना पड़ता रहेगा और परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्न चिन्ह लगते रहेंगे