, प्रयागराजः राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्त सहायक अध्यापकों एवं प्रवक्ताओं को अधीनस्थ राजपत्रित पदों पर पदोन्नति देने की प्रक्रिया अत्यंत धीमी है। इसी का परिणाम है कि 30 से 34 वर्ष सेवा देने के बाद करीब 50 शिक्षक ऐसे हैं, जो बिना कोई पदोन्नति मिले 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो जाएंगे। नियमानुसार प्रति वर्ष पदोन्नति प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए, लेकिन ऐसे नहीं किया गया। वर्ष 2022 एवं 2025 में पदोन्नति दिए जाने के बावजूद अधीनस्थ राजपत्रितों के 100 से अधिक पद रिक्त हैं। राजकीय शिक्षक संघ ने मांग की है अविलंब पदोन्नति और तैनाती प्रक्रिया पूरी की जाए, जिससे 28 दिन बाद सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों को पदलाभ मिल सके।
शिक्षक संघ के प्रांतीय संरक्षक
रामेश्वर प्रसाद पाण्डेय एवं महामंत्री अरुण यादव ने बताया है कि प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में अधीनस्थ राजपत्रित (हाईस्कूल के प्रधानाध्यापक) के पद भी रिक्त हैं और पदोन्नति के लिए अर्हता पूरी किए सहायक अध्यापक/प्रवक्ता भी हैं। ऐसे में उन्होंने रिक्त पदों के सापेक्ष पदोन्नति प्रक्रिया जल्द पूरी किए जाने की मांग अपर मुख्य सचिव, माध्यमिक शिक्षा निदेशक एवं अपर शिक्षा निदेशक राजकीय से की है, जिससे उन करीब 50 शिक्षकों को भी लाभ मिल सके, जो सेवानृित्त होने वाले हैं। इसके साथ ही सहायक अध्यापक से प्रवक्ता पुरुष संवर्ग के शेष विषयों में जल्द पदोन्नति प्रक्रिया पूर्ण कराए जाने की मांग की गई है, ताकि पात्र महिला/पुरुष शिक्षकों को पद, वेतनवृद्धि और अंत में पेंशन लाभ मिल सके।