गोंडा : हेलो, हां भइया। क्या हुआ बात किए थे चाचा, हां बात की थी। फिर आप चले गए। मैडम को जल्दी थी वह भी निकल गईं। हम तो बात किए थे, ये बताइए कि इसमें रुपया लगना ही लगना है। कितना तक जैसे… दो नंबर छोड़कर आपका तीसरे नंबर का करना है। कितने तक… भइया ज्यादा दाम लगेगा, मैडम एक तक मांग रही हैं। ठीक है घर पर बात कर बताएंगे। ठीक है बात करके बताइएगा। पैसा लेंगे तो काम होगा।
ये बातचीत जिले में रिक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका के पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया के तहत छपिया में 13 मार्च को इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुए आडियो में सुनाई दे रही है। दैनिक जागरण ने 14 मार्च के अंक में आंगनबाड़ी भर्ती का रेट एक लाख रुपये, आडियो वायरल शीर्षक से प्रकाशित की थी। जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि पैसा
आंगनवाड़ी भर्ती: सीडीपीओ के खिलाफ एक लाख मांगने का आरोप, कार्रवाई की भी संस्तुति पैसा मांगने वाले पर मुकदमा
मांगने वाले व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है। सीडीपीओ को भर्ती प्रक्रिया से हटा दिया गया है। विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी प्रस्तावित की गई है।
बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) बंदना ने छपिया थाने में पैसा मांगने वाले मन्नू वर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। दैनिक जागरण उक्त आडियो की पुष्टि नहीं करता है। बाल विकास एवं पुष्टाहार
विभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के 14 व सहायिका के 725 पदों के लिए आनलाइन आवेदन नवंबर 2025 में मांगे गए थे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद के लिए 222 व सहायिका के लिए 4844 समेत कुल 5066 आवेदन प्राप्त हुए थे। आवेदन पत्र पोर्टल से अपलोड करने के बाद विभाग ने मेरिट सूची जारी करके अभिलेखों का सत्यापन कराया है।
वंदना कहना है कि खुद को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बताकर पैसा मांगने वाले व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा कराया गया है। आरोप निराधार है। थानाध्यक्ष छपिया प्रबोध कुमार का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर आरोपित की तलाश की जा रही है। आरोपित सरकारी कर्मचारी नहीं है, पत्नी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। विभागीय सूत्र के अनुसार पैसा मांगने वाला व्यक्ति नियमित कार्यालय आता था और विभागीय कार्य भी उससे लिए जाते थे।