चयन वेतनमान की लड़ाई भूख हड़ताल तक आई
कार्यालय संवाददाता, लखनऊ अमृत विचारः बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से शिक्षकों का चयनित वेतनमान छह माह बीत जाने के बाद भी नहीं लगा है। जिससे शिक्षकों में आक्रोश है और सामूहिक भूख हड़ताल करने की तैयारी कर रहे हैं। शिक्षकों की 10 वर्ष की सेवा के उपरांत चयन वेतनमान का लाभ दिया जाना है। जबकि निर्धारित तिथि के 6 माह बीत जाने के बाद भी चयन वेतनमान के लिए शिक्षक भटकने को विवश हैं। हालांकि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा अधिकांश शिक्षकों का चयन स्वीकृत किया जा चुका है, लेकिन वित्त एवं लेखाधिकारी स्तर से रुचि नहीं ली जा रही है। कई शिक्षक संगठनों ने ज्ञापन देकर आंदोलन की चेतावनी दी है।
लखनऊ के शिक्षक हरिशंकर राठौर ने बताया कि मेरा चयन वेतनमान अक्टूबर 2025 में लगना था जिसके लिए ब्लॉक से लेकर जिले तक कई बार आग्रह किया गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सहयोग करते हुए 19 जनवरी को मेरा चयन वेतनमान स्वीकृत आदेश जारी किया। आशा थी कि जनवरी में चयन वेतनमान लग जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद तीन बार वित्त एवं लेखा अधिकारी से निवेदन किया लेकिन सिर्फ आश्वासन ही प्राप्त हुआ। राठौर ने कहा कि यदि मार्च माह में मेरा
छह माह बाद भी नहीं लगा चयन वेतनमान, शिक्षकों में भारी आक्रोश
एक अप्रैल को जिलाधिकारी कार्यालय पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करेंगे शिक्षक
कई जिलों में चयन वेतनमान पर अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है। राजधानी में पूर्व में एक शिक्षक द्वारा आत्मदाह करने की घटना हो चुकी है। ये स्थितियां अधिकारियों की घोर लापरवाही को दर्शाता है जो की अति निंदनीय है।
- सुशील कुमार पांडे, अध्यक्ष उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ
चयन वेतनमान नहीं लगा तो चयन वेतनमान लंबित होने से दुखी होकर 1 अप्रैल से कार्यालय जिलाधिकारी पर भूख हड़ताल के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष वीरेन्द्र प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि जिले में सैकड़ों शिक्षकों का चयन वेतनमान सितंबर माह से आज तक लंबित है। विभिन्न विकासखंडों से एक दर्जन से अधिक प्रकरणों में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा आदेश निर्गत होने के बाद भी भुगतान नहीं हो पाया है। शिक्षकों का कहना है कि वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय द्वारा तकनीकी आपत्तियों के आधार पर प्रकरणों को रोका जा रहा है।
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