लखनऊ,
महानगर स्थित भाऊराव देवरस अस्पताल के बड़ी संख्या में कर्मचारियों की ड्यूटी जनगणना में लगा दी गई है। मंगलवार को पूरे दिन पैरामेडिकल, नर्सिंग और कर्मचारियों का वक्त ड्यूटी कटवाने में गुजर गया। इसकी वजह से ओपीडी में इलाज की व्यवस्था प्रभावित रही। दूर दराज से आए मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिला सका।
भाऊराव देवरस अस्पताल में प्रतिदिन 1100 से ज्यादा मरीज ओपीडी में आ रहे हैं। मंगलवार को बड़ी संख्या में पैरामेडिकल, नर्सिंग व कर्मचारियों की ड्यूटी जनगणना में लगा दी गई। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने कर्मचारियों को अभी रिलीव नहीं किया है। अस्पताल के सभी लैब टेक्नीशियन, एक्सरे टेक्नीशियन, ऑप्टोमेट्रिस्ट, फार्मासिस्ट, इमरजेंसी के वार्ड ब्वॉय, नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी लगा दी गई। अस्पताल प्रशासन ने 22 अप्रैल को जिलाधिकारी और नगर निगम के अफसरों को कई पत्र लिखे। इसके बावजूद अस्पताल कर्मचारियों को ड्यूटी से छूट नहीं दी गई। आज से कर्मचारियों को जनगणना ड्यूटी करनी थी। पूरे दिन कर्मचारी ड्यूटी कटवाने में गुजर गई।
शिक्षक ट्रेनिंग में, बच्चों को पढ़ाने के लिये कोई नहीं
लखनऊ। अधिसंख्य प्राइमरी स्कूल के सभी शिक्षकों की जनगणना में ड्यूटी लगाए जाने से बच्चों की पढ़ाई पर संकट गहरा गया है। नगर व ग्रामीण क्षेत्र के बहुत से शिक्षकों की जनगणना की ट्रेनिंग शुरू होने स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के लिये शिक्षक नहीं बचे है। बच्चे स्कूल आते हैं लेकिन पढ़ाने वाले शिक्षक नहीं है। एमडीएम खाने के बाद बच्चे घर चले जा रहे हैं। शिक्षक संगठनों ने इन स्कूलों के शिक्षकों की जनगणना से ड्यूटी हटाने की मांग उठायी है।
शहर में 1617 प्राइमरी स्कूल
शहर में 1617 प्राइमरी स्कूल संचालित हो रहे हैं। इनमें करीब डेढ़ लाख बच्चे नामांकित हैं। मोहनलालगंज के हुलासखेड़ा स्थित अपर प्राइमरी स्कूल हुलासखेड़ा में तैनात दर्जन भर शिक्षकों में सभी को जनगणना के काम में लगा दिया है। मोहिद्दीनपुर प्राइमरी स्कूल के तीन शिक्षक, शेखपुरा के चारों शिक्षक, मदारी खेड़ा प्राइमरी स्कूल के सभी शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी।