हरदोई : पंचायत चुनावों में फर्जी मतदान, एक ही व्यक्ति के कई स्थानों पर नाम दर्ज होने और मतदान के दौरान होने वाले विवादों को जड़ से समाप्त करने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने बड़ी पहल की है। अब पंचायत मतदाता सूची को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से प्रत्येक मतदाता को यूनीक स्टेट वोटर नंबर (एसवीएन) आवंटित किया जाएगा। विधान सभा चुनाव के इलेक्टर फोटो आइडेंटिटी कार्ड (इपिक) की तर्ज पर जारी होने वाला यह नौ अंकों का विशेष नंबर मतदाता की स्थायी पहचान बनेगा।
यह नंबर न केवल मतदाता की व्यक्तिगत पहचान सुनिश्चित करेगा, बल्कि उसे उसके विकास खंड और गांव से भी डिजिटल रूप से जोड़कर रखेगा। यदि किसी कारणवश मतदाता का नाम सूची से हट जाता है, तो वह नंबर भी स्वतः समाप्त हो जाएगा और दोबारा किसी अन्य को आवंटित नहीं किया जाएगा। इससे फर्जी मतदाता जोड़ने
नौ अंकों का विशेष नंबर मतदाता की स्थायी पहचान, शुद्ध सूची के साथ फर्जीवाड़ा रोकने को निर्वाचन आयोग ने उठाया कदम
या एक ही व्यक्ति के कई बूथों पर नाम होने की संभावना पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) अभय श्रीवास्तव ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने इसके लिए विशेष साफ्टवेयर विकसित किया है, जिसके माध्यम से प्रदेश के हर मतदाता को एसवीएन जारी किया जाएगा। यह प्रणाली पंचायत चुनावों में पारदर्शिता लाने की दिशा में बड़ा कदम है। इससे न केवल चुनावी विवादों में कमी आएगी, बल्कि मतदान प्रक्रिया भी अधिक सुगम होगी। इस तरह की आधुनिक व्यवस्था लागू करने वाला उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्य बन गया है।