लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षकों में जिले के अंदर और एक से दूसरे जिले में तबादला प्रक्रिया न शुरू होने से नाराजगी है। शिक्षकों का कहना है दूरस्थ जिलों में कई वर्ष से सेवाएं दे रहे हैं लेकिन आकांक्षी जिलों में तैनात शिक्षकों के ट्रांसफर न होने से वह अपने पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं। शिक्षक जिले के अंदर दूरस्थ ब्लॉकों में तैनात हैं और अपने घर के पास तबादले की मांग कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय ने मांग की है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जो शिक्षक वर्षों से कार्यरत हैं उनको नगर क्षेत्र के विद्यालयों में प्राथमिकता के आधार
कई सालों से दूरस्थ जिलों व ब्लॉकों में कर रहे कार्य
पर स्थानांतरित करना चाहिए। 2011 के बाद नगर क्षेत्रों में कोई समायोजन नहीं हुआ है। इससे नगर क्षेत्र में शिक्षकों की काफी कमी है। बेसिक शिक्षा परिषद के नगर क्षेत्र के विद्यालयों में 10 हजार पदों पर भर्ती की सूचना से ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक निराश हैं। उन्होंने नगर क्षेत्र के विद्यालयों में सीधी भर्ती के बजाय इन पदों पर ग्रामीण क्षेत्र के दिव्यांग, गंभीर रूप से बीमार शिक्षक व महिला शिक्षकों को प्राथमिकता पर समायोजित करने की मांग की। अन्य शिक्षकों को भी वरिष्ठता के आधार पर अवसर मिलना चाहिए। सीधी भर्ती से नियुक्त शिक्षकों को ब्लॉकों में नियुक्ति दी जाए।