सरकार ने दावा किया, ऑपरेशन कायाकल्प से बदली प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों की सूरत
शौचालय, बिजली व पुस्तकालय जैसी सुविधाएं 96% तक पहुंची
लखनऊ। प्रदेश में बेसिक शिक्षा का ढांचा संसाधनों की कमी से जूझ रहा था। ज्यादातर प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शौचालय, पेयजल, पुस्तकालय, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं तक नहीं थीं। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने दावा किया है कि 2017 के बाद के आठ साल में ऑपरेशन कायाकल्प के जरिये शिक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव किया है।

प्रवक्ता के अनुसार स्कूलों में बुनियादी ढांचा से लेकर डिजिटल लर्निंग तक में बड़ा बदलाव हुआ है। विद्यालयों में शौचालय, बिजली, पुस्तकालय जैसी सुविधाएं 96% तक पहुंच गई हैं। स्मार्ट क्लास, डिजिटल शिक्षा, सुरक्षा, छात्रवृत्ति और पोषण देश में उदाहरण बन गए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि 2017 से पहले बुनियादी ढांचा 36% और पुस्तकालय 7500 स्कूलों में थे। बालिकाओं के लिए 33.9% स्कूलों में ही शौचालय थे। स्कूलों में डिजिटल शिक्षा या स्मार्ट क्लास की व्यवस्था नहीं थी। यूनिफॉर्म, जूते, मोजे, किताबों की आपूर्ति में देरी होती थी।
शिक्षा संसाधन बढ़ाए : प्रवक्ता ने कहा कि बीते आठ साल में प्रदेश के 132678 विद्यालयों में लाइब्रेरी बनवाई गईं। हर स्कूल में 500 किताबों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। बच्चों को साल 2024-25 में सत्र शुरू होने पर 15.37 करोड़ पाठ्यपुस्तकें मुफ्त दी गईं। साल
2024-25 में 4.53 लाख शिक्षकों को डिजिटल शिक्षण का प्रशिक्षण दिया गया।
बालिका शिक्षा को दी उड़ान
केजीबीवी में 2024-25 में 83584 छात्राओं का नामांकन हुआ
746 केजीबीवी में आईसीटी लैब, स्मार्ट क्लास, डॉर्मिट्री, कंप्यूटर लैब बनवाईं
आरटीई में रिकॉर्ड नामांकन
2016-17 में 10784 छात्र
■2024-25 में 4.58 लाख छात्र
योगी सरकार के आठ साल में ऑपरेशन कायाकल्प के जरिये शिक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव हुआ है। विद्यालयों में शौचालय, बिजली, पुस्तकालय जैसी सुविधाएं पहुंच गई हैं। स्मार्ट क्लास, डिजिटल शिक्षा, सुरक्षा, छात्रवृत्ति और पोषण देश में उदाहरण बन गए हैं।- संदीप सिंह, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री
डिजिटल शिक्षा बढ़ाई
25784 स्मार्ट क्लास, 5568 आईसीटी लैब, 2.61 लाख टैबलेट बांटे
1200 रुपये यूनिफॉर्म, जूता, स्वेटर, स्टेशनरी के लिए हर अभिभावक के खाते में भेजे
2024 में मिड-डे मील कवरेज 95.4% की गई
27.50 लाख नए बच्चों का नामांकन सत्र 2025-26 में हुआ
आंकड़ों में बदलाव
51826 बालिका व 53154 बालक शौचालय बनाए
88.5% स्कूलों में पीने के पानी की व्यवस्था
85.9% तक पहुंची बिजली उपलब्धता
61128 विद्यालयों को फर्नीचर युक्त किया
51826 विद्यालयों में चारदीवारी बनी
4336 नए भवन, 7229 स्कूलों का पुनर्निर्माण कराया