लखनऊः बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी प्राथमिक विद्यालयों में तीन से छह वर्ष के बच्चों के लिए बाल वाटिका 3 (यूकेजी/अपर किंडरगार्टन) शुरू करने की तैयारी तेज कर दी है। योजना के तहत वर्ष 2026 तक बेसिक शिक्षा परिषद के सभी प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में पूर्व-प्राथमिक शिक्षा का संचालन होगा। फिलहाल 50 से कम नामांकन वाले प्राथमिक विद्यालय जिनका विलय हुआ है, उनमें 15 अगस्त तक बाल वाटिका-3 की शुरुआत हो जाएगी।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार तीन से छह वर्ष तक बच्चों के लिए पूर्व-प्राथमिक शिक्षा अनिवार्य
है। इसी के तहत सभी विद्यालयों में बाल वाटिका-3 को अनिवार्य किया जा रहा है। प्रदेश में वर्तमान में 1,11,621 प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। इनमें से 70,494 प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों के परिसर में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं जिनमें बाल वाटिकाओं का संचालन हो रहा है। शेष 41,127 प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में आंगनबाड़ी केंद्र नहीं हैं, यहां भी बाल वाटिकाओं का संचालन किया जाएगा। अगले वर्ष तक सभी विद्यालयों में बाल वाटिकाएं होंगी। बच्चों को पूर्व-प्राथमिक शिक्षा देने के लिए विभाग ने पिछले वर्ष से ईसीसीई एजुकेटर्स की नियुक्ति शुरू की है।