बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी नागरिक पुलिस के 60 हजार से अधिक पदों पर हुई सीधी भर्ती प्रक्रिया में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित कोटे के तहत आरक्षण का लाभ लेने के लिए फर्जी प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया है। जनपद के सात चयनित अभ्यर्थियों द्वारा फर्जी और कूटरचित प्रमाणपत्र संलग्न करने की पुष्टि होने के बाद उनके खिलाफ नगर

फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर आरक्षण का लाभ लेने की कोशिश
कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई है। एसएसपी कार्यालय के प्रधान लिपिक की तहरीर पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
एसएसपी कार्यालय के प्रधान लिपिक जितेंद्र कुमार ने तहरीर में बताया कि वर्ष 2023 में आरक्षी नागरिक पुलिस के 60,244 पदों पर
सीधी भर्ती के संबंध में सूचना जारी की गई थी। भर्ती प्रक्रिया में बुलंदशहर से 2093 अभ्यर्थी चयनित हुए थे। चिकित्सा एवं चरित्र सत्यापन व दस्तावेज की जांच के दौरान कुल 58 अभ्यर्थियों द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों के प्रमाणपत्र संलग्न पाए गए थे। इनमें से सात के प्रमाण पत्र संदिग्ध थे। इन अभ्यर्थियों की सूची जिलाधिकारी बुलंदशहर को सत्यापन के लिए भेजी गई थी।