एडेड विद्यालयों के प्रबंधक शिक्षकों पर सीधे नहीं कर सकेंगे कार्रवाई, शिक्षकों के हित में शासन ने लिया अहम फैसला
मंझनपुर। अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों में अब प्रबंधक शिक्षकों के खिलाफ सीधे दंडात्मक कार्रवाई नहीं कर सकेंगे। शासन ने नए शिक्षा सेवा चयन आयोग में शामिल धारा-तीन को प्रभावी करते हुए नए निर्देश जारी किए हैं। अब जिला विद्यालय निरीक्षक की संस्तुति के बाद ही दंडात्मक कार्रवाई की जा सकेगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि पूर्व में प्रबंधक ऐसे फैसले लेते थे। जो शिक्षकों के हित में नहीं होते थे। इसके बाद कई बार प्रकरण न्यायालय तक पहुंच जाते थे। ऐसे में शिक्षकों की सेवा समाप्ति और अन्य दंडात्मक कार्रवाई संबंधी फैसलों से पूर्व डीआईओएस की अनुमति जरूरी कर दी गई है।
बताया गया कि नए निर्देशों के अनुसार, एडेड विद्यालयों के प्रबंधक शिक्षक को निलंबित करने, सेवा समाप्त करने या अन्य कठोर कार्रवाई करने से पहले डीआईओएस को जानकारी देंगे। उसके बाद कार्रवाई की अनुमति लेंगे। कहा कि शासन के इस निर्णय से शिक्षकों के अधिकारों की सुरक्षा
और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
वहीं, श्री दिलीप सिंह इंटर कॉलेज के प्रबंधक नरेंद्र सिंह ने बताया कि कुछ मामलों में ऐसा हो सकता है। लेकिन, प्रबंधतंत्र बड़े विचार के बाद ही इस प्रकार के फैसले लेता था। इस नियम से प्रबंधतंत्र के स्कूलों में शिक्षकों की मनमानी बढ़ सकती है।