लखनऊ : शासनादेश के अनुसार जिन कर्मचारियों को वर्ष 2023-24 में किसी विभागीय अनुशासनिक कार्यवाही या आपराधिक मुकदमे में दंड दिया गया हो, उन्हें बोनस नहीं मिलेगा। ऐसे दैनिक वेतनभोगी – कर्मचारी जिन्होंने छह कार्य दिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में 31 मार्च तक तीन वर्ष या उससे अधिक समय तक लगातार काम किया हो और प्रत्येक वर्ष कम से कम 240 दिन कार्यरत रहे हों, उन्हें भी बोनस मिलेगा। पांच दिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में तीन

- किस्त कटने से पहले बताना होगा: आरबीआई ने कहा, बैंक या वित्तीय संस्थान का 24 घंटे पहले ग्राहक को सूचित करना जरूरी
- माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा जनपदों के भ्रमण, स्थलीय निरीक्षण एवं विकास के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी
- धोखाधड़ी के प्रमाण के बिना दशकों पुरानी नियुक्ति रद्द नहीं की जा सकती : हाईकोर्ट
- क्या संविधान उस श्रद्धालु की रक्षा नहीं करेगा जिसे मूर्ति छूने की अनुमति नहीं : सुप्रीम कोर्ट
- मिशन कर्मयोगी ‘साधना सप्ताह’ में प्रदेश को देश में दूसरा स्थान
या इससे अधिक वर्ष तक हर वर्ष 206 दिन काम करने वाले दैनिक वेतनभोगी भी बोनस के हकदार होंगे। ऐसे पूर्णकालिक कर्मचारी जिन्होंने इस वर्ष 31 मार्च तक एक साल की सेवा पूरी नहीं की है, लेकिन उस तारीख तक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के तौर पर तीन वर्ष या उससे अधिक काम करते रहे हों, उन्हें भी सुविधा मिलेगी। ऐसे कर्मचारियों को बोनस के तौर पर 1,184 रुपये मिलेंगे। 31 मार्च के बाद रिटायर होने वाले कर्मियों को भी बोनस की पूरी राशि का नकद भुगतान किया जाएगा।