प्राथमिक शिक्षक संघ के दोनों गुटों का एक साथ निर्वाचन कराने का समझौता असफल
शाहजहांपुर
अमृत विचारः अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ से संबद्ध उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडे ने शाहजहांपुर में ऋषिकांत पांडे को पुनः जिलाध्यक्ष घोषित कर दिया है। वे इससे पहले 15 मई 2022 को भी इसी पद पर निर्वाचित हो चुके हैं। पुनर्नियुक्ति के साथ ही उन्हें अपनी नई जिला कार्यकारिणी गठित कर अनुमोदन के लिए भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाध्यक्ष के रूप में दोबारा जिम्मेदारी मिलने के बाद ऋषिकांत पांडे ने 5 नवम्बर को जिला बैठक बुलाने की घोषणा की है, जिसमें संगठन के ब्लॉक स्तरीय निर्वाचन और जनपदीय कार्यकारिणी के गठन पर विचार-विमर्श कर कार्यक्रम तय किया जाएगा। तय कार्ययोजना के अनुसार 10 दिसम्बर तक सभी ब्लॉक इकाइयों का निर्वाचन और 26 दिसम्बर तक जिला अधिवेशन
अब 5 नवम्बर को होगी जिला बैठक, प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडे ने ऋषिकांत पांडे को दोबारा सौंपी जिम्मेदारी
संपन्न कराया जाएगा। उल्लेखनीय है 30 अगस्त को प्रांतीय महामंत्री संजय सिंह की पहल पर शिक्षक संघ के दोनों गुटों को एक साथ लाने और संयुक्त चुनाव कराने की घोषणा मांडलिक मंत्री मुकेश चौहान द्वारा की गई थी। लेकिन दो माह बीत जाने के बावजूद न तो निर्वाचन प्रक्रिया शुरू हो सकी और न ही असंवैधानिक ढंग से कार्य कर रही कालातीत कमेटी पर कोई कार्रवाई हो पाई। परिणामस्वरूप 30 अक्टूबर को यह समझौता टूट गया।
जिलाध्यक्ष ऋषिकांत पांडे ने बताया कि मांडलिक मंत्री द्वारा की गई घोषणा के अगले ही दिन कालातीत कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष ने उसे असंवैधानिक बताकर निरस्त कर दिया, जबकि प्रांतीय नेतृत्व की ओर से अब तक
नवनियुक्त जिलाध्यक्ष ऋषिकांत पांडे । कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी गई।
उन्होंने कहा कि उक्त स्थिति से शिक्षक वर्ग में असमंजस की स्थिति बनी रही। उन्होंने बताया कि उक्त गुट के छह ब्लॉक अध्यक्ष, जो पहले 25 जुलाई को उनके संगठन में शामिल हुए थे, बाद में पुनः उनके साथ आ गए, किंतु कालातीत कमेटी ने उनकी वापसी स्वीकार नहीं की और अनुचित तरीके से संयोजक नियुक्त कर उन्हें वैधानिक ठहराया।
ऋषिकांत पांडे ने कहा कि प्रांतीय महामंत्री संजय सिंह से इस विषय पर कई बार वार्ता हुई, परन्तु ठोस समाधान नहीं निकला। अंततः
सभी साथियों से विचार-विमर्श के बाद उन्होंने अपने पुराने संगठन में लौटकर शिक्षक हित में कार्य जारी रखने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि अब 5 नवम्बर को आयोजित जिला स्तरीय बैठक में आगामी कार्ययोजना पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। दिसंबर में विद्यालयों के शीत अवकाश से पहले जिला कार्यकारिणी का चुनाव भी संपन्न कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में आम शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति और टीईटी अनिवार्यता जैसे मुद्दों से परेशान है। जिले के अनेक शिक्षक उनसे लगातार संपर्क में थे और नेतृत्व संभालने की अपील कर रहे थे। ऐसे में शिक्षकों की समस्याओं के निस्तारण और संघर्ष के लिए उन्होंने दोबारा जिम्मेदारी स्वीकार की है। उन्होंने यह भी बताया कि इन दोनों प्रमुख मुद्दों पर संगठन आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर चुका है, जिसकी विस्तृत जानकारी 5 नवम्बर की बैठक में दी जाएगी।