महमूदाबाद (सीतापुर) बीएसए के साथ मारपीट के आरोपित प्रधानाध्यापक ने कारागार से रिहा होने के बाद शुक्रवार को विद्यालय जाकर ज्वाइन कर लिया, जबकि उसे 24 सितंबर को ही निलंबित किया जा चुका था। उधर, विभागीय लापरवाही के चलते निलंबन के कागजात विद्यालय तक नहीं पहुंच पाए थे। प्रधानाध्यापक की ज्वाइनिंग के बाद विभागीय अधिकारी हरकत में आए। उन्होंने निलंबन आदेश प्रधानाध्यापक के साथ ही विद्यालय पहुंचाया।

महमूदाबाद के प्राथमिक
विद्यालय नदवा के प्रधानाध्यापक बृजेन्द्र वर्मा और बीएसए में 23 सितंबर को विवाद हो गया था। इसके बाद बाद इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित हुआ था, जिसमें प्रधानाध्यापक बेसिक बीएसए पर बेल्ट चलाते दिख रहे थे। बीएसए की तहरीर पर पुलिस ने प्रधानाध्यापक को गिरफ्तार करके जेल भेजने की कार्रवाई की थी। उधर, बीएसए ने 24 सितंबर को प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया था। बावजूद इसके विभाग
लहरपुर के प्राथमिक विद्यालय प्यारापुर में लगाएंगे हाजिरी निलंबन आदेश में प्रधानाध्यापक को लहरपुर के प्राथमिक विद्यालय प्यारापुर में दैनिक उपस्थिति देने को कहा गया है। इसी बीच प्रधानाध्यापक ने मानव संपदा पोर्टल पर आकस्मिक अवकाश के लिए आवेदन भी कर दिया है। पत्र व्यवहार में उन्होंने 24 सितंबर से 10 अक्टूबर तक जेल में रहने के चलते अनुपस्थित रहना भी दर्शाया है। प्रधानाध्यापक ने बताया कि उन्हें अब तक विभाग से निलंबन आदेश नहीं मिला है। इसके अलावा फोटो प्रसारित करने वाले 20 शिक्षक चिह्नित किए गए हैं।
की ओर से निलंबन का आदेश विद्यालय नहीं भेजा गया। उधर, प्रधानाध्यापक तो कारागार में ही थे। ऐसे में गुरुवार को रिहाई बाद शुक्रवार को प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय नदवा पहुंचे और ज्वाइन कर लिया। विद्यालय के दस्तावेजों में निलंबन का आदेश न होने के चलते वहां उपस्थित शिक्षकों ने भी प्रधानाध्यापक की ज्वाइनिंग का विरोध नहीं किया। ज्वाइनिंग की जानकारी होने पर अफसर हरकत में आए और तत्काल निलंबन आदेश को विद्यालय भेजा गया।