लखनऊ। बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने विभागीय अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए मिशन मोड में काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बीएसए, डीआईओएस आदि अधिकारियों को हफ्ते में पांच स्कूलों का निरीक्षण करने व विद्यालयों की व्यवस्था में अपेक्षित सुधार के निर्देश दिए हैं।

- यूपी बोर्ड : स्क्रुटनी फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 17 मई 2026,शुल्क : 500 प्रति प्रश्न पत्र
- इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: हर स्कूल में कम से कम 2 शिक्षक अनिवार्य, ट्रांसफर प्रक्रिया पर सख्त निगरानी
- लखनऊ से बड़ी खबर | शिक्षक को मिला न्याय, 17 साल बाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
- द्विविवाह के आरोप में बर्खास्त शिक्षक को हाईकोर्ट से राहत, सेवा बहाली का आदेश
- उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स के पदों पर भर्ती 2025 की लिखित परीक्षा के परीक्षा केन्द्र के नाम/पते के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण सूचना
अपर मुख्य सचिव शुक्रवार को विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हम छह से 12 साल
तक के बच्चों को इतनी अच्छी शिक्षा व कौशल प्रशिक्षण दें कि वे स्कूलों से निकलकर उच्च शिक्षा के लिए या स्वरोजगार के लिए, जिधर जाना चाहें जा सकें। उन्होंने विद्यालयों को निपुण बनाने के लिए चल रहे प्रयासों को और गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को खर्चों की समीक्षा व कामकाज में सुधार की प्रक्रिया समझाते हुए कहा कि बजट को समय से और पारदर्शी तरीके से खर्च करें। विभागीय अधिकारी बजट को समय से पूरा करें, टेंडर प्रक्रिया समय से और पारदर्शी तरीके से पूरी करें