कुसमौल (एसएनबी)। क्षेत्र के जंगल दीर्घन सिंह, महावीर छपरा के निवासी व उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ गोरखपुर के सदस्य अमरेन्द्र प्रताप शाही ने कहा की अभी हाल में सर्वोच्च न्यायालय के सभी शिक्षकों को दो वर्ष के अंदर टेट करने के प्रकरण को लेकर वह विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह के साथ लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पुनर्विचार याचिका और टेट से राहत देने के लिए मिले थे। मुख्यमंत्री और सरकार का रुख शिक्षकों के प्रति सकारात्मक होने से एक बेहतर उम्मीद जगी है।
टेट 2011 से लागू किया गया इसलिए 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर सेवा में बने रहने और पदोन्नति के लिए टेट की अनिवार्यता भी नहीं होनी चाहिए। जिन सेवा शर्तों पर शिक्षकों की नियुक्ति की गई उनको सेवा शुरू होने के बाद नहीं बदला जा सकता
है। 15 साल से 25 साल से अधिक सेवा देने के बाद व तत्कालीन सेवा शर्त टेट न होने पर भी अनिवार्य टेट परीक्षा उत्तीर्ण करने का बाध्य आदेश किसी भी रूप में अनुचित है। केंद्र सरकार को भी इस प्रकरण पर पहल करते हुए 2017 में लाये गये एक्ट की धारा में संशोधन करना चाहिए। केंद्र सरकार का अभी इस प्रकरण पर कोई बयान नहीं आने से एक निराशा भी बनी हुई है। मुख्यमंत्री से मिलने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने पुनर्विचार याचिका और शिक्षकों के प्रति जो सकारात्मक पहल किया वह पहल बहुत ही उम्मीद लेकर आया है। इसके अतिरिक्त एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री धर्मेद्र प्रधान से मिलकर भी इस प्रकरण पर वार्ता करने की योजना है। इसके लिए एक बार प्रयास भी हो चुका है
टेट प्रकरण पर सीएम से की मुलाकात
