लखनऊ। विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बुधवार को श्रावस्ती सांसद राम शिरोमणि वर्मा से मुलाकात की। उनको ज्ञापन देकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षकों के लिए दिए गए टीईटी की अनिवार्यता के आदेश को समाप्त करने के लिए प्रधानमंत्री को संबोधित पत्र दिया गया। प्रदेश महासचिव दिलीप चौहान ने बताया कि सांसद ने कहा कि यह प्रकरण देशव्यापी है। इससे देशभर के लाखों शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। इस मामले में मैं खुद प्रधानमंत्री से मिलकर समस्या से अवगत कराकर समाधान का प्रयास करूंगा। शिक्षकों ने कहा कि वे पीएम को पत्र लिखकर भी टीईटी की समस्या

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से अवगत करा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि शिक्षक हित व आरटीई एक्ट 2009 लागू करते समय एक्ट की 23 (1) की व्यवस्था अनुसार टीईटी लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त रखा जाए। दिलीप चौहान ने बताया कि अभियान के तहत गोंडा, बलरामपुर, चित्रकूट, कानपुर देहात, अंबेडकरनगर, शाहजहांपुर, बरेली, रामपुर, शामली, सहारनपुर, श्रावस्ती, कानपुर, उन्नाव, बांदा, हमीरपुर, प्रयागराज के शिक्षकों ने प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री को पत्र लिखा और अपने जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन दिया है। श्रावस्ती सांसद को ज्ञापन देने वालों में अरुण कुमार, विनोद तिवारी, धर्मेन्द्र शुक्ला, राहुल सुमन, महेंद्र सिंह गुर्जर आदि शामिल थे।