देवरिया। सदर विकास क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों के 64 प्रधानाध्यापकों को खंड शिक्षा अधिकारी देवमुनि वर्मा ने नोटिस कर जवाब मांगा है। इन प्रधानाध्यापकों पर शिक्षकों के अवकाश निस्तारण में लापरवाही बरतने का आरोप है।

देवरिया सदर के क्षेत्र खंड शिक्षा अधिकारी देवमुनि वर्मा ने बताया कि यह प्रधानाध्यापक मासिक समीक्षा बैठकों में बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद शिक्षकों के अवकाश संबंधी आवेदन का निस्तारण नहीं कर रहे थे। साथ ही, प्रत्येक बैठक में छात्रों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद कई प्रधानाध्यापक नियमित रूप से यह कार्य नहीं कर रहे हैं।
खंड शिक्षा अधिकारी ने इसे विभागीय आदेशों एवं निर्देशों का गंभीर उल्लंघन बताते हुए सभी 64 प्रधानाध्यापकों को नोटिस देकर निर्धारित समयावधि में ऑनलाइन स्पष्टीकरण उपलब्ध नहीं कराने को कहा है। इसमें विलंब करने पर संबंधित प्रधानाध्यापकों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही के लिए उच्चाधिकारियों को भेजने की चेतावनी दी है।
मोबाइल पर सूचनाएं देने बैठें तो अभिभावकों कहते हैं कि शिक्षक कक्षा में पढ़ाने के बजाय मोबाइल पर समय बिताते हैं। अगर शिक्षक सूचनाएं नहीं देते, तो विभागीय अधिकारी कार्रवाई की धमकी देने लगते हैं। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष देवेन्द्र कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि हमें खुद नहीं पता कि कितने एप चल रहे हैं। पढ़ाने के लिए हमें समय चाहिए लेकिन एप पर सूचनाएं देने में ही काफी समय निकल जाता है। सरकार को चाहिए हमसे केवल पढ़ाई कराएं और ऑनलाइन काम करवाने के लिए कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति कर दी जाए।
स्मार्टफोन पर हैं इतने एप
प्रेरणा, प्रेरणा डीबीटी, दीक्षा, रीड अलांग, निपुण प्लस, शारदा, उल्लास, समर्थ, यू-डाइस, आई गॉट कर्मयोगी, निपुण टीचर, एम आधार, हरितिमा, इको क्लब, ज्ञान समीक्षा, स्विफ्ट चैट, परख, किताब वितरण, गूगल मीटख, इंस्पायर, एसएचवीआर, फिट इंडिया, एसजीपी, उमंग, पीएफएमएस, एफएसएसएआई, एनआईएलपी, ई-कवच, एनबीएमसी, जूम, उपस्थिति के लिए प्रेरणा पोर्टल, मानव संपदा आदि