–
लखनऊ। सिपाही भर्ती-2023 की लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के शारीरिक मानक परीक्षण में गड़बड़ी कर अवैध रूप से पैसे वसूलने के आरोपी चिकित्साधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही उप मुख्यमंत्री ने सभी चिकित्साधिकारियों को किसी भी भर्ती में उगाही व मानकों की अनदेखी करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
मेरठ के सरूरपुर खुर्द स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में डॉ. दिव्य कुमार राणा तैनात हैं। इनकी ड्यूटी सिपाही सीधी भर्ती 2023 की लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के शारीरिक मानकों की जांच के लिए लगाई गई थी। आरोप है कि चिकित्साधिकारी ने परीक्षण में अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण करने के एवज में धन उगाही की। शिकायत उप मुख्यमंत्री

- यूपी बोर्ड : स्क्रुटनी फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 17 मई 2026,शुल्क : 500 प्रति प्रश्न पत्र
- इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: हर स्कूल में कम से कम 2 शिक्षक अनिवार्य, ट्रांसफर प्रक्रिया पर सख्त निगरानी
- लखनऊ से बड़ी खबर | शिक्षक को मिला न्याय, 17 साल बाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
- द्विविवाह के आरोप में बर्खास्त शिक्षक को हाईकोर्ट से राहत, सेवा बहाली का आदेश
- उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स के पदों पर भर्ती 2025 की लिखित परीक्षा के परीक्षा केन्द्र के नाम/पते के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण सूचना
ब्रजेश पाठक तक पहुंची।
उन्होंने तत्काल डॉ. दिव्य कुमार राणा को निलंबित करने का आदेश दिया। निलंबित किए जाने के बाद अब पुलिस उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
मेरठ में सिपाही भर्ती परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों से वसूले थे पैसे
लापरवाही पर डॉक्टर की वेतनवृद्धि रोकी : लखनऊ के
लोकबन्धु राज नारायण संयुक्त चिकित्सालय में तैनात ईएनटी डॉ. आरिफ अख्तर पर शासकीय कर्तव्यों और अपने दायित्वों के पालन में लापरवाही के आरोप लगे हैं।
■ जांच में आरोप सही पाए जाने पर डॉ. अख्तर की एक वेतनवृद्धि स्थायी रूप से रोकते हुए परिनिन्दा पत्र दिया गया है।