लखनऊ, तमाम दबावों व सख्ती के बावजूद प्राथमिक स्कूलों के शिक्षक डिजिटाइजेशन को लेकर कतई गम्भीर नहीं हैं। 15 अक्तूबर हो गई है और पड़ताल में प्रदेश भर के कुल 132830 परिषदीय विद्यालयों की ओर से प्रेरणा पोर्टल पर 1,28,98,383 छात्र/छात्राओं की तुलना में मात्र 21,65,138 विद्यार्थियों की उपस्थिति अपलोड की गई है यानी मात्र 16.79% बच्चों की उपस्थिति ही पोर्टल पर दर्ज की गई है।

राज्य परियोजना कार्यालय की ओर से प्रदेश के सभी परिषदीय स्कूलों के प्रधान अध्यापकों व इंचार्ज को
प्रेरणा पोर्टल पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं की उपस्थिति को अपडेट करने के निर्देश दिए गए थे लेकिन इस पर अमल नहीं हो रहा। इसे देख स्कूल शिक्षा महानिदेशालय ने सभी प्रधानाध्यापकों व इंचार्जों को चेतावनी भरा पत्र भेजकर कहा है कि शासन
द्वारा आगामी माह से सीएम डैसबोर्ड के माध्यम से छात्र/छात्राओं के उपस्थिति की समीक्षा की जाएगी। इसके मद्देनज़र सभी को निर्देशित किया जाता है कि प्रेरणा पोर्टल के माध्यम से छात्रों का डिजिटल उपस्थिति सुनिश्चित करें।
कई जिलों में तो एक फीसदी हाजिरी भी दर्ज नहीं
स्कूल शिक्षा महानिदेशालय की ओर से बीते 15 अक्तूबर को प्रेरणा पोर्टल पर जिलों में दर्ज उपस्थिति की स्थिति का बकायदा चार्ट जारी किया गया है, जिसमें ज्यादातर जिलों में एक फीसदी से भी कम उपस्थिति दर्ज पाई गई है। इसमें सबसे खराब स्थिति ललितपुर की है जिसमें डिजिटल उपस्थिति की दर शून्य है। वहीं आजमगढ़, बदायूं, सिद्धार्थनगर, बस्ती, महोबा, बहराइच, गोण्डा, महाराजगंज, कन्नौज, उन्नाव, तथा चन्दौली शामिल है, जहां विद्यार्थियों की उपस्थिति एक प्रतिशत से कम दर्ज हुई है।